समय पर वैट न चुकाने वालों के लिए बुरी खबर, पढ़ें
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हिमाचल सरकार ने बकाया मूल्य वर्द्धित कर (वैट) पर जुर्माना बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए संशोधन विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में ले जाने की तैयारी है।
अब वैट 60 दिन के भीतर चुकाना होगा। नहीं चुकाया तो 25 हजार रुपये से लेकर असीमित धनराशि तक पेनल्टी लगाई जाएगी। प्रदेश में हजारों कारोबारियों पर वैट बकाया है। इससे आबकारी एवं कराधान विभाग में रिकवरी में तेजी आएगी। सरकार की आय में बढ़ोतरी भी होगी।
60 दिन की समय सीमा के पूरा होते ही 20 लाख तक के टैक्स तक प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से पेनल्टी लगेगी और यह अधिकतम 25 हजार रुपये लगेगी। 20 लाख से ऊपर का कर बकाया है तो यह 1000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लगेगी। यह असीमित हो सकती है।
अभी तक तय नहीं थी समय सीमा
वर्तमान में अगर कारोबारी वैट चुकाने में देरी करे तो उन्हें महज 200 रुपये की पेनल्टी चुकाकर ही वैट देना होता है। समय सीमा तय नहीं। इतने से जुर्माने के बाद चाहे कभी भी कर चुकाया जाए। यही अधिकतम पेनल्टी है। इससे बकाया वैट की समय पर रिकवरी नहीं हो पा रही है।
मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम 2005 की धारा 16 में संशोधन कर अब इसमें पेनल्टी का नया स्लैब जोड़ा जा रहा है। राज्य आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अब वैट चुकाने की अवधि के पूरा होने के बाद कारोबारियों को 60 दिन की मोहलत दी जाएगी।
जैसे ही यह मोहलत पूरी होगी, उसके बाद से पेनल्टी लगनी शुरू हो जाएगी। चौधरी ने माना कि नए विधेयक का ड्राफ्ट तैयार है। इसे इसी मानसून सत्र में विधानसभा में रखा जा सकता है।