फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   nine workers of ABVP expelled from HPU shimla on protesting despite ban

प्रतिबंध के बावजूद धरना-प्रदर्शन करने पर एबीवीपी के नौ कार्यकर्ता एचपीयू से निष्कासित

Fri, 19 Jul 2019 07:59 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 19 Jul 2019 07:59 PM IST
विज्ञापन
nine workers of ABVP expelled from HPU shimla on protesting despite ban
निष्कासन के विरोध में प्रदर्शन करते एबीपीपी कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला

एचपीयू से एबीवीपी के नौ विद्यार्थियों को निष्कासित कर दिया गया है। 11 जुलाई को विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव कार्यालय में प्रतिबंध के बावजूद धरना-प्रदर्शन करने पर एबीवीपी के नौ कार्यकर्ताओं के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

विज्ञापन


मामले पर गठित की गई कमेटी की बारह जुलाई को अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन छात्रों को निष्कासित करने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन


प्रदर्शन में शामिल एक बाहरी युवक को परिसर में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं प्रदर्शन में शामिल आउटसाइडर की परिसर में एंट्री पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एबीवीपी भड़की, वीसी कार्यालय में घुसने का किया प्रयास, सुरक्षा कर्मियों से भिड़े 

nine workers of ABVP expelled from HPU shimla on protesting despite ban

नौ कार्यकर्ताओं के निष्कासन के विरोध में भड़के एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को परिसर में प्रदर्शन किया। एबीवीपी की विवि इकाई के कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के बाहर करीब बारह बजे पहुंच कर निष्कासन को तुरंत वापस लेने की मांग की और उग्र हुए कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय में कड़े सुरक्षा इंतजाम के बावजूद घुसने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव कार्यालय में जाकर भी प्रदर्शन किया। पुस्तकालय के बाहर एकत्र हो कर विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर धरना प्रदर्शन किया। निष्कासित छात्रों की सूची में शामिल इकाई सचिव अंकित चंदेल इस दौरान कहा कि विवि प्रशासन का यह तानाशाही पूर्ण और एकतरफा फैसला है। 11 जुलाई को विद्यार्थी परिषद ने कैं पस में यूजी छात्रों के लटके परिणाम को लेकर धरना प्रदर्शन कर रिजल्ट जल्द घोषित करने की मांग की थी।

उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर छात्रों का निष्कासन कर रहा है, लेकिन कर्मचारियों पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होने भी कुलपति कार्यालय प्रशासनिक भवन में नारेबाजी की थी। यह एकतरफा और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई है। विवि प्रशासन अपनी यूजी के परिणाम घोषित न कर पाने की नाकामी को छुपाने को निष्कासन कर आम छात्रों का ध्यान भंग करना चाह रहा है, ताकि उनका कोई विरोध न कर पाए।

अधुरे यूजी के परीक्षा परिणाम को घोषित कर वाहवाही लूट रहा विश्वविद्यालय प्रशासन मुश्किल से 25 से 30 फीसदी छात्रों के ही छठे सेमेस्टर के परिणाम को घोषित कर पाया है। कुलपति के 9 महीने में पीएचडी और एमसीए फर्जी तरीके से प्रवेश के आरोप लगने के बाद छात्र संगठनों की आवाजा को दबाने को कुलपति ने परिसर में धरने प्रदर्शनों पर रोक लगा दी। एबीवीपी ने विवि प्रशासन व कुलपति को चेताया है कि यदि ये निष्कासन वापस न लिया और यूजी के अधूरे परीक्षा परिणाम पूरे घोषित नहीं करती तो एबीवीपी प्रदेश भर में उग्र आंदोलन खड़ा करेगी। 

अंजना चौहान की अपील पर प्रतिबंधित किए हैं प्रदर्शन 
शिमला । हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंजना चौहान की उच्च न्यायालय में 2004 में दायर याचिका पर 2008 में दिए गए आदेशों को आधार बना कर परिसर में कुलपति कार्यालय, प्रशासनिक भवन विवि पुस्तकालय के आस पास के तय दायरे के भीतर धरने प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी।     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed