{"_id":"63d8d6bc3919ed4da063a805","slug":"nayak-subhash-chand-a-soldier-posted-in-the-air-force-died-will-be-cremated-with-military-honors-2023-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: नायक सुभाष सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से दी अंतिम विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: नायक सुभाष सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
Tue, 31 Jan 2023 11:00 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुरधार/नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुरधार/नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 31 Jan 2023 11:00 PM IST
सार
सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले नायक सुभाष चंद छींटा मंगलवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव में पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।
विज्ञापन
नायक सुभाष चंद का निधन।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले नायक सुभाष चंद छींटा मंगलवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव में पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।
विज्ञापन
सिरमौर के इस सपूत के अंतिम दर्शनों के लिए भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे नायक सुभाष की पार्थिक देह हरिपुरधार पहुंची। इस दौरान पूरा हरिपुरधार बाजार सुभाष छींटा अमर रहे के नारों से गूंज उठा। सैकड़ों लोग नारे लगाते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर श्मशानघाट तक पहुंचे। उनकी माता मैना देवी और अन्य परिजन भी अंतिम दर्शन के लिए सड़क पर पहुंचे थे। माता मैना देवी ने जब अपने लाडले के दर्शन किए तो वह बेसुध हो गई। जब से उन्हें बेटे के निधन की सूचना मिली है, वह बार-बार बेहोश हो रही है। उनकी आंखें पथरा गई हैं। बेटे सुभाष के आकस्मिक निधन के बाद परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि नायक सुभाष चंद छींटा का सोमवार तड़के सवा तीन बजे पंजाब के एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सुभाष छींटा का जन्म 30 नवंबर 1987 को खरोटी गांव में हुआ था। 16 दिसंबर 2010 में वह भारतीय वायु सेना में भर्ती हुए थे। इन्हें सेना में देश की सेवा करते हुए 13 साल 11 महीने हुए थे। सुभाष के पिता स्व. बिशन सिंह शिक्षा विभाग में अधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके थे, जिनकी मृत्यु करीब 5 वर्ष पहले हो चुकी है। नायक सुभाष चंद छींटा अपने पीछे 34 वर्षीय पत्नी ममता और 8 वर्षीय बेटे अभिनव व माता मैना देवी को छोड़ गए हैं। इससे पूर्व जिला मुख्यालय नाहन, ददाहू और संगड़ाह आदि क्षेत्रों में हजारों लोगों ने पार्थिव देह के अंतिम दर्शन किए। इस होनहार सपूत के आकस्मिक निधन से जिलाभर में शोक की लहर है। सैनिक कल्याण बोर्ड सिरमौर के उपनिदेशक मेजर दीपक धवन ने बताया कि जवान की अंत्येष्टि पूरे सैनिक सम्मान के साथ की गई। उन्होंने कहा कि हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ। वह सभी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं।
4:00 बजे हुआ अंतिम संस्कार
शहीद का पार्थिव शरीर साढ़े तीन बजे हरिपुरधार पहुंच गया था। करीब आधा घटे तक खरोटी गांव के समीप सड़क पर उनकी पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए रखी गई थी। शाम करीब सवा बजे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में वहां पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी थी। लोगों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धा सुमन भेंट किए।