फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Natural farming: Infrastructure will be built in 10 mandis of Himachal, natural products will be sold

प्राकृतिक खेती: सीएम सुक्खू बोले- हिमाचल की 10 मंडियों में बनेंगे आधारभूत ढांचे, बिकेंगे प्राकृतिक उप्ताद

Mon, 26 May 2025 10:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 26 May 2025 10:15 AM IST
सार

किसानों में रसायनमुक्त खेती की ओर रुझान बढ़ रहा है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार नई योजनाएं ला रही है। सरकार योजनाओं के लाभ जमीनी स्तर पर जल्द मिलें, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। 

विज्ञापन
Natural farming: Infrastructure will be built in 10 mandis of Himachal, natural products will be sold
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्राकृतिक खेती से उगाए उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर आधारभूत ढांचे बनेंगे। इन पर काम शुरू कर दिया गया है। इस वित्त वर्ष से राज्य सरकार प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रतिकिलो का समर्थन मूल्य दे रही है। इस हल्दी को प्रसंस्कृत कर ‘हिमाचल हल्दी’ के नाम से बाजार में उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात रविवार को शिमला से जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि किसानों में रसायनमुक्त खेती की ओर रुझान बढ़ रहा है।

विज्ञापन

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार नई योजनाएं ला रही है। सरकार योजनाओं के लाभ जमीनी स्तर पर जल्द मिलें, इस पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार की ओर से अब तक 1509 किसानों से लगभग 400 मीट्रिक टन मक्की की खरीद 40 रुपये प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर की गई है। इसी प्रकार गेहूं पर भी 60 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है और इसकी खरीद प्रक्रिया भी जारी है। सरकार ने चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक पद्धति से उगाई गई कच्ची हल्दी पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

9.61 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य
सीएम ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 99.3 प्रतिशत पंचायतों में प्राकृतिक पद्धति से खेती की जा रही है और 2 लाख 23 हजार किसानों व बागवानों ने प्राकृतिक खेती को पूर्णतया या आंशिक रूप से अपनाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 9.61 लाख किसानों को चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती विधि से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में प्रदेश में कार्यान्वित प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना के अंतर्गत 27.60 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इस वित्त वर्ष के लिए 7.28 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

विज्ञापन

गाय की खरीद पर 25,000 रुपये अनुदान
सीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गोशाला का फर्श पक्का करने और गोमूत्र के लिए गड्ढा बनाने के लिए 8 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। भारतीय नस्ल की गाय की खरीद पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 25,000 रुपये अनुदान दिया जा रहा है। गाय के परिवहन के लिए 5 हजार रुपये की अतिरिक्त धनराशि का भी प्रावधान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed