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बजट नहीं मिलने से 39 करोड़ हो गई देनदारी, तीन महीने से काम ठप
उमेश कुमार शर्मा/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:20 AM IST
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प्रदेश में मैटीरियल बजट के अभाव में मनरेगा कार्यों की देनदारी 39 करोड़ रुपये हो गई है। बीते तीन माह से मनरेगा के तहत मैटीरियल को बजट नहीं आया है। इस कारण प्रदेश में विभिन्न मनरेगा कार्य ठप पड़े हैं। बजट न आने से कार्यों के लिए खरीदे गए मैटीरियल का भुगतान न होने पर मनरेगा कार्यों की देनदारी बढ़ रही है।
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मनरेगा मैटीरियल के लिए जिला कांगड़ा सबसे ज्यादा कर्जदार है। कांगड़ा जिले की देनदारी 8.92 करोड़ हो गई है। हमीरपुर दो करोड़, चंबा पांच करोड़, सिरमौर 4 करोड़, मंडी साढ़े पांच करोड़, बिलासपुर ढाई करोड़, किन्नौर 36 लाख, कुल्लू साढ़े तीन करोड़, लाहौल-स्पीति 2 करोड़, शिमला 2 करोड़, सोलन एक करोड़ और ऊना ढाई करोड़ का कर्जदार हो गया है।
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मनरेगा कार्यों के लिए बढ़ती देनदारी से पंचायत प्रतिनिधि परेशान हैं। लोगों के घरों और सार्वजनिक स्थलों पर विकास कार्य ठप पड़े हैं। वाटर हार्वेस्टिंग टैंकों के लिए लोगों के घरों में खोदे गए गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं।
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हालांकि, केंद्र सरकार ने बजट समय पर स्वीकृत कर दिया है, लेकिन प्रदेश में विस चुनावों के कारण बीते तीन माह से सरकार मैटीरियल के लिए बजट स्वीकृत नहीं कर पाई है।
नई सरकार बनने के बाद भी बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। लोगों ने ग्रामीण विकास विभाग और प्रदेश सरकार से मैटीरियल बजट को जारी करने की मांग की है। उधर, डीआरडीए उपनिदेशक संजीत ठाकुर का कहना है कि बजट की मांग की गई है। जल्द बजट जारी हो जाएगा।