सदन में गूंजा अमर उजाला, विधायक नरेंद्र बरागटा ने उठाया बागवानों का ये मामला
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मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में दो बार अमर उजाला गूंजा। शुक्रवार दोपहर जुब्बल कोटखाई से विधायक नरेंद्र बरागटा ने नियम 62 के तहत अमर उजाला के 29 जुलाई के अंक में सड़क के मलबे में दबे दर्जनों हरे-भरे पेड़ शीर्षक से छपी खबर का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखी।
बताया कि सड़क के अवैज्ञानिक तरीके से निर्माण के चलते बागवानों व स्थानीय लोगों को भारी नुकसान व परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरागटा ने बताया कि सड़क बनाने के लिए पहाड़ काटने के बाद ठेकेदार ने न सिर्फ मलबे को नालों में डाल दिया बल्कि वन व निजी भूमि में भी डाल दिया।
इससे स्थानीय लोगों के सेब के पौधे खराब हो गए। यही नहीं, मलबे की वजह से कई सड़कों को भी भारी नुकसान हुआ। बरागटा के उठाए विषय पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी 12 दिसंबर 2017 की एक खबर का उल्लेख करते हुए कहा कि ठेकेदार की गलती की वजह से जो भी नुकसान आम बागवान को हुआ है उसकी भरपाई ठेकेदार से ही वसूल कर की जाएगी।
हर्ष वर्धन चौहान ने लहराई अमर उजाला की प्रति
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में कुछ प्रभावित हाईकोर्ट चले गए थे, ऐसे में उनके मामले में कोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिलाई से विधायक हर्ष वर्धन चौहान ने अमर उजाला की प्रति लहराते हुए कहा कि अखबार में भी बताया गया है कि हजारों की संख्या में आईपीएच की
स्कीमों को भारी बारिश व भूस्खलन से नुकसान हुआ है। यही नहीं बड़ी संख्या में सड़कों व आम लोगों की संपत्ति को भी नुकसान की बात सामने आई है। कहा कि केंद्र से मदद लेकर मुआवजा राशि जल्द लोगाें को दी जाए। कहा कि सरकार का काम सड़क का मलबा हटाना है, ऐसे में सरकार को उस काम को जल्द से जल्द करना चाहिए।