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MC Shimla: पहली बैठक में महापौर खामोश; विधायक-भाजपा पार्षदों ने संभाला मोर्चा
amarujala.com- Presented by : अशोक चौहान
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:35 PM IST
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नगर निगम शिमला के इतिहास का पहला सबसे बड़ा हाउस महज एक घंटे में ही निपट गया। पहली बार 25 की जगह 34 पार्षद निगम की मासिक बैठक में हिस्सा ले रहे थे। साथ ही भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज और कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह भी हाउस में मौजूद थे।
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उम्मीद लगाई जा रही थी कि नए पार्षदों के साथ हो रही पहली ही बैठक में कुछ बड़े फैसले लिए जाएंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ। सदन में युवा जोश तो दिखा मगर अनुभव की कमी भी साफ झलक रही थी। मेयर कुसुम सदरेट समेत ज्यादातर नए पार्षद सदन में खामोश रहे।
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सदन में दोबारा चुनकर आए शैलेंद्र चौहान, अर्चना धवन, कुसुमलता ठाकुर, मीरा शर्मा जैसे पुराने पार्षदों ने ही सवाल उठाए जबकि बाकी शांत बैठे रहे। मेयर कुसुम सदरेट से भी सवाल तो कई पूछे गए लेकिन उनकी जगह विधायक सुरेश भारद्वाज और भाजपा पार्षद जवाब देते दिखे।
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इस पर मीरा शर्मा, अर्चना धवन समेत कई कांग्रेसी पार्षदों ने आपत्ति भी जताई कि आखिर जब सवाल मेयर (सभापति) से किया जा रहा है तो बाकी पार्षद क्यों बीच में बोल पड़ते हैं। गुम्मा दौरे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों में हुई बहस को मेयर ने शांत करने की कोशिश की, लेकिन पार्षदों ने उनकी बात पर कम ही ध्यान दिया।
सदन में एक बार ऐसा मौका भी आया जब पार्षद मीरा के सवाल का मेयर जवाब देने लगीं। इस पर विधायक ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि पहले पार्षद का सवाल पूरा सुना जाना चाहिए। इससे सुनने के बाद ही मेयर जवाब दें।
बैठक में बैनमोर पार्षद किमी सूद को छोड़ किसी भी नए पार्षद ने सदन में मांगें नहीं रखी। वैसे तो मेयर समेत सभी युवा पार्षदों के लिए यह पहला अनुभव था लेकिन आने वाले समय में इन्हें सवालों का सामना करने और जनता की समस्याएं उठाने के लिए तैयार रहना होगा।