राजनीति: जयराम ठाकुर बोले- अराजकता का माहौल खड़ा कर रही कांग्रेस, दिमागी संतुलन खो चुके राहुल-प्रियंका
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और खासतौर पर कांग्रेस के नेतृत्व की जैसी सोच बन गई है कि वो इस बात पर आमादा हो गए हैं कि अराजकता का माहौल खड़ा किया जाए।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। जयराम ठाकुर ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी और खासतौर पर कांग्रेस के नेतृत्व की जैसी सोच बन गई है कि वो इस बात पर आमादा हो गए हैं कि अराजकता का माहौल खड़ा किया जाए। मुझे लगता है कि बांग्लादेश में जो घटना घटित हुई है, उससे वो बहुत ज्यादा प्रेरित होकर इस देश में वैसे हालात बनाने के बारे में सोचते हैं तो मैं समझता हूं कि वो बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। संविधान के प्रति सम्मान का भाव रहना चाहिए। अगर चुनाव आयोग के संदर्भ में वह टिप्पणी कर रहे हैं तो मैं उनसे ही पूछना चाहता हूं... हिमाचल प्रदेश में उसी चुनाव आयोग ने चुनाव करवाया, परिणाम निकला और कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई तो उस पर क्या कहना है? यह बार-बार वोट चोरी और चोर शब्द का इस्तेमाल करना उनकी आदत बन गई है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, दोनों ही दिमागी संतुलन खो चुके हैं।'
#WATCH मंडी। हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, "कांग्रेस पार्टी और खासतौर पर कांग्रेस के नेतृत्व की जैसी सोच बन गई है कि वो इस बात पर आमादा हो गए हैं कि अराजकता का माहौल खड़ा किया जाए। मुझे लगता है कि बांग्लादेश में जो घटना घटित हुई है; उससे वो बहुत ज्यादा प्रेरित होकर इस देश में वैसे हालात बनाने के बारे में सोचते हैं तो मैं समझता हूं कि वो बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। संविधान के प्रति सम्मान का भाव रहना चाहिए। अगर चुनाव आयोग के संदर्भ में वह टिप्पणी कर रहे हैं तो मैं उनसे ही पूछना चाहता हूं... हिमाचल प्रदेश में उसी चुनाव आयोग ने चुनाव करवाया, परिणाम निकला और कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई तो उस पर क्या कहना है? यह बार-बार वोट चोरी और चोर शब्द का इस्तेमाल करना उनकी आदत बन गई है... राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, दोनों ही दिमागी संतुलन खो चुके हैं..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 8, 2026
एसआईआर पर कांग्रेस का आंदोलन असांविधानिक : रणधीर
वहीं भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी और विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि एसआईआर पर कांग्रेस का आंदोलन असांविधानिक है। मतदाता सूची शुद्धीकरण का विरोध कांग्रेस की विरोधाभासी राजनीति का प्रमाण है। संविधान और चुनावी कानूनों की दुहाई देने वाले नेताओं को पहले सांविधानिक प्रावधानों का अध्ययन करना चाहिए। शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में रणधीर शर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-21 के तहत चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है। विशेष गहन पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है और अतीत में कांग्रेस सरकारों के दौरान भी यह प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी लंबे समय से वोट चोरी, फर्जी मतदाताओं और एक व्यक्ति के नाम कई स्थानों पर दर्ज होने जैसे आरोप लगाते रहे हैं।
यदि एसआईआर का उद्देश्य इन्हीं अनियमितताओं की जांच कर मतदाता सूची को शुद्ध बनाना है, तो कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में मतदाता सूचियों को लेकर गंभीर है तो उसे इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए। रणधीर शर्मा ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो परिणामों को जनता का जनादेश बताती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और अन्य राज्यों में कांग्रेस की सरकारें ईवीएम से हुए चुनावों के बाद बनी हैं। ऐसे में कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि जीत के समय ईवीएम सही और हार के समय गलत कैसे हो जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मंत्रियों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना की। शर्मा ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक कमजोरियों और संगठनात्मक चुनौतियों से ध्यान हटाने के लिए चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को विवादों में घसीट रही है।