{"_id":"5c85fff9bdec22142a71f0ec","slug":"martyr-nitin-rana-promise-to-his-grandmother-for-next-vacation-in-kangra-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिसंबर में दादी को होल्टा घुमा लाए थे शहीद नितिन राणा, किया था ये वादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिसंबर में दादी को होल्टा घुमा लाए थे शहीद नितिन राणा, किया था ये वादा
Mon, 11 Mar 2019 11:58 AM IST
ashok chauhan
बृज मोहन कंठबाल, अमर उजाला लंबागांव (कांगड़ा)
बृज मोहन कंठबाल, अमर उजाला लंबागांव (कांगड़ा)
Published by: ashok chauhan
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिसंबर माह में छुट्टी आए शहीद नितिन राणा दादी सरस्वती को होल्टा घुमाकर लाए थे, जबकि अगली छुट्टी में भी दादी को घुमाने का वायदा करके गए थे। जयसिंहपुर के रिट गांव में पहुंचे शहीद नितिन राणा के पार्थिव शरीर को देखकर दादी यही कह रही थीं कि मुझे घुमाने का वायदा करके चले गए।
विज्ञापन
अब मुझे कौन घुमाएगा। बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर जहां माता लता देवी बेसुध थीं। पिता सुभाष चंद ने कहा कि अभी नए घर का काम पूरा होते ही अगले साल नितिन के लिए लड़की देखकर उसका विवाह करने की सोच रहे थे।
विज्ञापन
घर में करीब एक घंटा शहीद का पार्थिव शरीर रहा, लेकिन किसी को भी गांव के जांबाज युवक के अंतिम दर्शन करने का हौसला नहीं हुआ। ऐसे में परिवार के सदस्यों ने ही शहीद के अंतिम दर्शन किए।
विज्ञापन
करीब 11:05 मिनट पर शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो करीब 20 मिनट बाद श्मशानघाट पहुंची। शहीद के छोटे भाई निखिल ने 01:10 मिनट पर शहीद नितिन को मुखाग्नि दी।