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बिजली दरें बढ़ीं तो हिमाचल से चले जाएंगे कई उद्योग

Wed, 01 May 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 01 May 2019 05:00 AM IST
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Many industries will  leave Himachal if electricity rates increase

लोकसभा चुनावों के बीच मंगलवार को शिमला स्थित विद्युत नियामक आयोग में साल 2019-20 के लिए बिजली की नई दरें तय करने पर जन सुनवाई हुई। बैठक में उद्योगपतियों ने कहा कि प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ीं तो कई उद्योगों का पलायन हो जाएगा।

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उन्होंने आयोग से दरें न बढ़ाने के साथ विभिन्न तरह की छूट देने की मांग की। कहा कि कर्मचारियों पर ज्यादा खर्च से बोर्ड को घाटा हो रहा है। अगर सख्ती से कदम नहीं उठाए गए तो इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा। 
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हिमाचल के साढ़े 19 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों के लिए नई बिजली दरें तय करने से पहले आयोग के कसुम्पटी स्थित कार्यालय में जन सुनवाई हुई।
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आयोग के चेयरमैन एसकेबीएस नेगी की अध्यक्षता में जनसुनवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं ने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाए। प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक संगठनों की अगुवाई सीआईआई के राकेश बंसल ने की। 

यह रखी मांगें

उद्योगपति अनुराग पुरी, डीआर शर्मा, हरीश आनंद, दरबेश झा, एसके गोयल, वीरेंद्र ठाकुर सहित कई अन्य ने भी सुझाव दिए। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी कालटा सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। बोर्ड अधिकारियों ने अपने आय और व्यय से आयोग को अवगत कराया।

जेपी कालटा ने बताया कि अन्य प्रदेशों में बिजली कर्मचारियों का वेतन और पेंशन का खर्च वहां की सरकारें उठाती हैं। हिमाचल में यह खर्च बिजली बोर्ड को उठाना पड़ रहा है। इस कारण बोर्ड का खर्च अधिक है।

वोल्टेज पर आधारित दरें तय की जानी चाहिए। डिमांड चार्जिस, चार्जेबल कांट्रेक्ट डिमांड और नाइट चार्जिस को कम किया जाए। सरचार्ज को दो फीसदी से घटाकर एक फीसदी किया जाए।

औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली के अघोषित कट बंद किए जाएं। बोर्ड ने बेवजह बड़े अधिकारियों के पद सृजित कर दिए हैं। डेपुटेशन पर भी अधिक खर्च आ रहा है। इसमें कमी लाई जाए।

गौ सदनों को मांगे बिजली के घरेलू कनेक्शन

जन सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से गौ सदनों के लिए बिजली के घरेलू कनेक्शन देने की मांग की गई। संबंधित विभाग के सदस्य सचिव ने कहा कि गौ संरक्षण के क्षेत्र में सरकार गंभीरता से काम कर रही है।

दो साल से नहीं हुई है बिजली दरों में बढ़ोतरी
हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थीं। इससे पूर्व साल 2014-15 में बिजली दरें बढ़ाई गई थीं। साल 2017-18 में चुनावी साल होने के चलते दरों में इजाफा नहीं हुआ। 2018-19 में लगातार दूसरे साल भी प्रदेश में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ी थीं।

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