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हिमाचल : शिमला में टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर कराया धरना समाप्त
Fri, 28 Aug 2026 12:14 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:14 PM IST
सार
शिमला के चौड़ा मैदान में परमिट बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने धरनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेटरों से बातचीत की और उनकी मांगें सुनीं। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त करवाया। टैक्सी ऑपरेटरों ने नेता प्रतिपक्ष की अपील के बाद धरना खत्म करने पर सहमति जताई।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जूस पिलाकर अनशन तुड़वाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
शिमला के चौड़ा मैदान में परमिट बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने धरनास्थल पर पहुंचकर टैक्सी ऑपरेटरों से बातचीत की और उन्हें जूस पिलाकर हड़ताल समाप्त करवाई।
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टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से परमिट बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने चौड़ा मैदान में धरना शुरू किया था। आंदोलन के दौरान ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठाया।
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धरनास्थल पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने टैक्सी ऑपरेटरों से बातचीत की। उन्होंने उनकी मांगों को सुना और आंदोलन समाप्त करने की अपील की। इसके बाद टैक्सी ऑपरेटरों ने हड़ताल खत्म करने पर सहमति जताई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने टैक्सी ऑपरेटरों को जूस पिलाकर उनका अनशन/धरना समाप्त करवाया। इसके साथ ही चौड़ा मैदान में चल रहा उनका आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया।
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जयराम ठाकुर बोले- विधानसभा में उठाई मांग, केंद्र के समक्ष भी रखेंगे मामला
चौड़ा मैदान में परमिट अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म करवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ऑपरेटरों की मांग को उन्होंने विधानसभा में सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया है। अब इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा, ताकि टैक्सी ऑपरेटरों को राहत मिल सके।
जयराम ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों की मांग केवल उनके कारोबार से जुड़ी नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऑपरेटरों की व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हुए सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
टैक्सी ऑपरेटर परमिट अवधि बढ़ाने और वाहन की उम्र के बजाय फिटनेस के आधार पर परमिट जारी रखने की मांग को लेकर चौड़ा मैदान में आंदोलन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में परमिट अवधि को बढ़ाना और फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को आगे भी संचालन की अनुमति देना शामिल है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया है और अब केंद्र सरकार के सामने भी ऑपरेटरों का पक्ष रखा जाएगा। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर टैक्सी ऑपरेटरों का आंदोलन खत्म करवाया।
चौड़ा मैदान में परमिट अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म करवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ऑपरेटरों की मांग को उन्होंने विधानसभा में सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया है। अब इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा, ताकि टैक्सी ऑपरेटरों को राहत मिल सके।
जयराम ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों की मांग केवल उनके कारोबार से जुड़ी नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऑपरेटरों की व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हुए सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
टैक्सी ऑपरेटर परमिट अवधि बढ़ाने और वाहन की उम्र के बजाय फिटनेस के आधार पर परमिट जारी रखने की मांग को लेकर चौड़ा मैदान में आंदोलन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में परमिट अवधि को बढ़ाना और फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को आगे भी संचालन की अनुमति देना शामिल है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया है और अब केंद्र सरकार के सामने भी ऑपरेटरों का पक्ष रखा जाएगा। इसके बाद उन्होंने जूस पिलाकर टैक्सी ऑपरेटरों का आंदोलन खत्म करवाया।
टैक्सी ऑपरेटरों की प्रमुख मांगें क्या थीं?
- परमिट की अवधि 12 साल से बढ़ाकर 15 साल की जाए।
- परमिट अवधि पूरी होने के बाद भी फिटनेस के आधार पर वाहन चलाने की अनुमति दी जाए।
- प्रदेश में बस, ट्रक, ऑटो, मालवाहक और अन्य वाणिज्यिक वाहनों के परमिट की अवधि को लेकर मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया जाए।
- ऑपरेटरों के मुताबिक दूसरे राज्यों में वाणिज्यिक वाहनों को अधिक अवधि तक चलाने की व्यवस्था है, उसी तरह हिमाचल में भी राहत दी जाए।
- परमिट अवधि पूरी होने से प्रभावित होने वाले हजारों टैक्सी ऑपरेटरों और चालकों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाए।
- प्रदेशभर के टैक्सी ऑपरेटरों को एक समान और व्यावहारिक परमिट व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग।