नोटबंदीः जिस घर से विदा होनी थी बेटी, वहीं से उठी पिता की अर्थी
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नोटबंदी ने एक और जान ले ली। बेटी की शादी के लिए पैसे का इंतजाम न होने पर पिता के साथ कुछ ऐसा हुआ, मातम पसर गया। जिस घर में हफ्ते बाद गाजे-बाजे के साथ बेटी की बारात आनी थी, उस घर में अब मातम पसरा है। इसकी वजह है नोटबंदी। शादी के लिए पैसों का प्रबंध करने चंडीगढ़ गए दुल्हन के पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
उपमंडल धर्मपुर की ग्राम पंचायत सिद्धपुर के तयोग गांव के दामोदर दास की बेटी की शादी 24 नवंबर को तय हुई है। शादी के लिए जो रकम निकाली थी, वो 500-1000 रुपये के नोट थे। इस पूरी रकम को बैंक में जमा करवाना पड़ा। नोटबंदी से बैंक में जमा रकम से निश्चित धनराशि मिलने के कारण दामोदर दास परेशान थे।
रिश्तेदारों और दोस्तों से मांग रहे थे पैसे
लिहाजा, पैसों के प्रबंध के लिए वह चंडीगढ़ में अपने रिश्तेदारों के पास गए। लेकिन 12 नवंबर को हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। दामोदर का बेटा मुंबई से होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ले रहा है, जिसकी फीस भी देनी थी। पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत सिद्धपुर गंगा राम का कहना है कि बेटी की शादी के लिए पैसों की चिंता से दामोदर दास परेशान थे।
वह चंडीगढ़ अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के पास पैसों के प्रबंध के लिए गए थे ताकि शादी के लिए खरीदारी कर सकें। दामोदर दास अपने पीछे पत्नी जोगिंद्रा देवी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। दामोदर दास की एक बेटी की शादी पहले ही हो चुकी हैं। दामोदर दास परिवार का एक मात्र सहारा थे, जिन पर पूरा परिवार निर्भर था।