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Shimla News: राजधानी में 35 से 40 फीसदी तक घट गई चीनी की बिक्री
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रेट कम होने का ग्राहक और कारोबारी कर रहे हैं इंतजार, शक्कर-गुड़ खरीदने से भी परहेज कर रहे हैं लोग
शहर में 70 रुपये किलो तक बिक रही है चीनी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चीनी के रेट में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी के बाद दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। केंद्र सरकार की ओर से मांग पूरी करने और रेट नियंत्रित करने के लिए चीनी का आयात किए जाने के दावों के बावजूद दाम में कोई कमी नहीं आई है। शहर में चीनी 70 रुपये किलो तक बिक रही है।
रेट बढ़ने से राजधानी में चीनी की बिक्री 35 से 40 फीसदी तक घट गई है। इसके साथ ही गन्ने से बनने वाले गुड़ और शक्कर की बिक्री भी प्रभावित हुई है। रेट कम होने की आस में ग्राहक फिलहाल जरूरत भर की ही चीनी खरीद रहे हैं। ग्राहकों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द चीनी के बढ़े रेट कम करने और इसे आम आदमी की पहुंच में लाने के लिए कोई कारगर कदम उठाएगी। रेट बढ़ने के बाद शहर, उपनगरों और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों के लिए भी कारोबारी अधिक स्टॉक उठाने से बचने लगे हैं। यही कारण है कि शहर में थोक व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद चीनी की बिक्री कम हो गई है।
शहर के चीनी थोक कारोबारी दीपक अग्रवाल, दीपक आशीष ट्रेडिंग कंपनी ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन रेट अधिक होने के कारण कारोबारी पहले की तुलना में कम स्टॉक उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बरसात भी बिक्री कम होने का एक कारण है, लेकिन चीनी के दाम अचानक बढ़ने के बाद बिक्री में और गिरावट आई है। दुकानदार पहले की तरह अधिक स्टॉक नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि ग्राहकों की मांग भी कम हो गई है। दाम कम होने की स्थिति में कारोबारियों को वित्तीय जोखिम रहता है, इसलिए भी वह अधिक स्टॉक लेने से बच रहे हैं।
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अब कम चीनी खरीद रहे लोग : सूद
अनाज मंडी के कारोबारी सुमित सूद ने कहा कि चीनी के 70 रुपये प्रति किलो होने के बाद से बिक्री न के बराबर रह गई है। ग्राहक पहले जो तीन या पांच किलो चीनी लेकर जाता था, वह अब एक-दो किलो तक ही खरीद रहा है। लोअर खलीनी के कारोबारी सुरजीत ने कहा कि चीनी की मांग कम होने के कारण दुकानों पर भी स्टॉक कम रखा जा रहा है। ग्राहक सिर्फ गुजारे लायक ही चीनी खरीद रहा है। शिमला और इसके आसपास के उपनगरों व ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य डिपो में चीनी की उपलब्धता से आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। डिपो में राशन कार्ड धारकों को तय दरों पर चीनी उपलब्ध कराई जा रही है।
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शहर में 70 रुपये किलो तक बिक रही है चीनी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चीनी के रेट में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी के बाद दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। केंद्र सरकार की ओर से मांग पूरी करने और रेट नियंत्रित करने के लिए चीनी का आयात किए जाने के दावों के बावजूद दाम में कोई कमी नहीं आई है। शहर में चीनी 70 रुपये किलो तक बिक रही है।
रेट बढ़ने से राजधानी में चीनी की बिक्री 35 से 40 फीसदी तक घट गई है। इसके साथ ही गन्ने से बनने वाले गुड़ और शक्कर की बिक्री भी प्रभावित हुई है। रेट कम होने की आस में ग्राहक फिलहाल जरूरत भर की ही चीनी खरीद रहे हैं। ग्राहकों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द चीनी के बढ़े रेट कम करने और इसे आम आदमी की पहुंच में लाने के लिए कोई कारगर कदम उठाएगी। रेट बढ़ने के बाद शहर, उपनगरों और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों के लिए भी कारोबारी अधिक स्टॉक उठाने से बचने लगे हैं। यही कारण है कि शहर में थोक व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद चीनी की बिक्री कम हो गई है।
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शहर के चीनी थोक कारोबारी दीपक अग्रवाल, दीपक आशीष ट्रेडिंग कंपनी ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन रेट अधिक होने के कारण कारोबारी पहले की तुलना में कम स्टॉक उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बरसात भी बिक्री कम होने का एक कारण है, लेकिन चीनी के दाम अचानक बढ़ने के बाद बिक्री में और गिरावट आई है। दुकानदार पहले की तरह अधिक स्टॉक नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि ग्राहकों की मांग भी कम हो गई है। दाम कम होने की स्थिति में कारोबारियों को वित्तीय जोखिम रहता है, इसलिए भी वह अधिक स्टॉक लेने से बच रहे हैं।
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अब कम चीनी खरीद रहे लोग : सूद
अनाज मंडी के कारोबारी सुमित सूद ने कहा कि चीनी के 70 रुपये प्रति किलो होने के बाद से बिक्री न के बराबर रह गई है। ग्राहक पहले जो तीन या पांच किलो चीनी लेकर जाता था, वह अब एक-दो किलो तक ही खरीद रहा है। लोअर खलीनी के कारोबारी सुरजीत ने कहा कि चीनी की मांग कम होने के कारण दुकानों पर भी स्टॉक कम रखा जा रहा है। ग्राहक सिर्फ गुजारे लायक ही चीनी खरीद रहा है। शिमला और इसके आसपास के उपनगरों व ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य डिपो में चीनी की उपलब्धता से आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। डिपो में राशन कार्ड धारकों को तय दरों पर चीनी उपलब्ध कराई जा रही है।