हिमाचल में इस बार चुनाव प्रचार में नहीं दिखेगी युवा बिग्रेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में 19 मई को लोकसभा चुनाव होंगे। प्रचार के लिए प्रत्याशियों के पास डेढ़ माह का समय होगा। कॉलेजों में 11 अप्रैल से सेमेस्टर सिस्टम और वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
इसके चलते नेताओं को प्रचार के लिए युवा ब्रिगेड नहीं मिल पाएगी। युवा भी परीक्षाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे। ऐसे में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को पार्टी के कार्यकर्ताओं पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। कॉलेजों में इन दिनों हाउस टेस्ट चल रहे हैं।
इसके बाद प्रैक्टिकल परीक्षाएं और 11 अप्रैल से यूजी की सेमेस्टर, ईयर परीक्षाएं शुरू होंगी। वहीं, विवि का भी प्रयास रहेगा कि मतदान की तिथि से पहले परीक्षाएं निपट जाएं। छात्र संगठन एनएसयूआई, एबीवीपी और एसएफआई के कार्यकर्ताओं को परीक्षाओं पर ही ध्यान केंद्रित करना होगा।
बोर्ड परीक्षाओं का भी पड़ेगा असर
विश्वविद्यालय और पीजी कॉलेजों में जो छात्र संगठनों के कार्यकर्ता चुनाव में रुचि लेते हैं, उनके लिए भी ये तीन माह अहम होते हैं। कक्षाओं में तय हाजिरी की शर्त पूरी करने के साथ जून में शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए समय देना इनकी भी मजबूरी रहेगी।
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई की दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। बोर्ड की डेटशीट के मुताबिक 12वीं की परीक्षाएं 29 मार्च तक चलेंगी, जबकि दसवीं की बोर्ड परीक्षा भी 20 मार्च तक होनी है। उधर, सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी मार्च 30 तक तो दसवीं की परीक्षा 29 मार्च तक चलेंगी।