नाहन चौगान विवाद पर चुनाव आयोग ने डीसी से मांगी रिपोर्ट
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के डीसी सिरमौर को डरपोक बताकर नाहन चौगान को दस दिन के लिए बुक रखने के बयान पर चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। आयोग ने अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद डीसी से रिपोर्ट तलब कर ली है।
पूछा है कि चौगान को कितने दिन के लिए बुक किया गया है, क्या कांग्रेस को मैदान नहीं दिया गया? डीसी की रिपोर्ट के बाद आयोग आगामी कार्रवाई करेगा।
वीरभद्र सिंह गुरुवार को नाहन के बड़ाचौक में चुनावी जनसभा के दौरान कहा था कि वर्तमान सरकार और सिरमौर के डीसी डरपोक हैं। आरोप लगाया कि सिरमौर का चौगान मैदान पिछले दस दिन से भाजपा नेता के लिए बुक कर रखा है।
कहा था कि इनका वश चले तो यह लिख डालें कि यह मैदान ताउम्र अमित शाह के लिए बुक है। वीरभद्र ने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही हावी हो गई है। नौकरशाही को याद रखना चाहिए कि जब तक चांद है, रोशनी भी तभी तक होती है। उन्होंने यह तक कह दिया कि नई सरकार आएगी तो इसका हिसाब लिया जाएगा।
भाजपा के अलावा किसी ने नहीं मांगी अनुमति : डीसी
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ललित जैन ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशा के अनुसार राजनीतिक दलों को जनसभा या रैली के लिए स्थल आवंटन की जिम्मेवारी सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम के पास है।
पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर इनका आवंटन किया जाता है। नाहन चौगान में रैली या जनसभा के लिए भाजपा के अलावा किसी ने आवेदन नहीं किया था। ललित जैन ने जारी बयान में बताया कि जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में रैली अथवा जनसभा के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं।
इनके आवंटन का दायित्व संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचन अधिकारी का होता है। सभी सहायक निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों को उनकी मांग के अनुसार निर्धारित स्थल की अनुमति दे रहे हैं।
कहा कि सहायक निर्वाचन अधिकारी के अनुसार चौगान में जनसभा अथवा रैली के लिए भाजपा के अतिरिक्त किसी भी राजनीतिक दल ने आवेदन नहीं किया था। जिले के सभी पांच एसडीएम एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाए।