वीरभद्र के खिलाफ जयराम के डिफेंसिव मोड से भाजपा का एक खेमा नाराज
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लोकसभा चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ डिफेंसिव मोड में रहने से भाजपा का एक खेमा नाराज है। अब यह खेमा मुख्यमंत्री पर वीरभद्र सिंह के खिलाफ नरम रुख अपनाने के बजाय शब्दों के तीखे प्रहार करने के लिए दबाव बना रहा है। यह दबाव हाईकमान तक बनाया जा रहा है।
चुनाव प्रचार के अलावा भी अगर जयराम ठाकुर के सीएम बनने से लेकर अब तक के वक्त को देखा जाए तो उन्होंने वीरभद्र के खिलाफ कभी भी बहुत तीखे तेवर नहीं अपनाए। इससे पहले भाजपा के मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार वीरभद्र सिंह के खिलाफ बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ते आए हैं।
हालांकि, वीरभद्र सिंह ने पिछले दिनों मंडी में जयराम पर हमला बोला था कि वह जयराम ठाकुर को मासूम पहाड़ी समझते थे लेकिन वह शातिर निकले। लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसमें पलटकर कोई तीखा जवाब नहीं दिया।
हिमाचल के चारों संसदीय क्षेत्रों में से मंडी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वीरभद्र सिंह के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का यह अपना संसदीय क्षेत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली भी 10 मई को मंडी में ही रखी गई है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह रामपुर निवासी हैं जो मंडी संसदीय क्षेत्र में आता है। उन्होंने भी मंडी संसदीय क्षेत्र पर फ ोकस कर दिया है।
विक्रमादित्य ने भी संभाला मोर्चा
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा के नामांकन के दौरान मंडी में प्रवेश किया। उनके बेटे व विधायक विक्रमादित्य ने भी मंडी संसदीय क्षेत्र में फ ोकस किया है। वह लगातार आश्रय के साथ सभाओं और कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।
भाजपा में फूट, दो मंडलाध्यक्ष आमने-सामने
सरकाघाट/धर्मपुर (मंडी)। लोकसभा चुनावों में भाजपा प्रदेश स्तर पर जहां एकजुटता का राग अलाप रही है वहीं सीएम जयराम के गृह जिला के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपाइयों में फूट पड़ गई है। इस कारण विस क्षेत्र से भाजपा विधायक होने के बावजूद लीड का संकट पैदा हो गया है।
सरकाघाट भाजपा मंडल की बैठक में मंगलवार को हुए हंगामे के बाद भाजयुमो के सरकाघाट के मंडलाध्यक्ष आशीष कुमार के निष्कासन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस निष्कासन की जानकारी भाजयुमो के जिलाध्यक्ष को भी नहीं है। जिला पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा मंडलाध्यक्ष भाजयुमो के मंडलाध्यक्ष को निष्कासित नहीं कर सकता है, केवल अनुशंसा कर सकता है।
कांग्रेस से आए लोगों की सुनी जा रही बातें : आशीष
भाजयुमो मंडलाध्यक्ष आशीष की मानें तो भाजपा मंडलाध्यक्ष को उन्हें निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है। कहा कि वह तन मन धन से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उन पर पार्टी विरोधी कार्य करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। विधायक भाजयुमो के सदस्यों की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस से आए लोगों की बातें सुनी जा रही हैं।
सलाह के बाद ही किया निष्कासन
भाजपा मंडलाध्यक्ष रूप लाल रत्न ने कहा कि चुनावी समय में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की किसी भी प्रकार की ऐसे हरकतें सहन नहीं की जाएंगी। इससे जनता में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने विधायक, विस्तारकों, मंडल कमेटी की सलाह के बाद ही आशीष कुमार को निष्कासित किया है।
नहीं मिली सूचना : मुकेश चंदेल
भाजयुमो जिला अध्यक्ष मुकेश चंदेल ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की कोई भी सूचना नहीं है। भाजपा मंडलाध्यक्ष निष्कासन की अनुशंसा कर सकता है। इस प्रकरण की रिपोर्ट भाजपा मंडलाध्यक्ष से ली जाएगी।