हिमाचल में तीन दिन तबाही मचाने के बाद बारिश का दौर तो थम गया लेकिन ये अपने पीछे कभी न भुलाने वाले जख्म छोड़ गई। हिमाचल में तीन दिन की भारी बारिश के बाद मंगलवार को मौसम भले ही खुल गया हो, लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। खराब मौसम के चलते भूस्खलन और ठंड से सात और लोगों की जान चली गई।
लाहौल-स्पीति में बर्फबारी में फंसे दो लोगों के मरने की सूचना है। कोकसर में जोगिंद्रनगर निवासी बुद्धि सिंह (42) ने सोमवार रात को कोकसर की एक सराय में दम तोड़ा, जबकि जिंगजिंगबार में बीआरओ के एक जवान की मौत हुई है। एसडीएम अमर नेगी ने इसकी पुष्टि की है। चंबा के मणिमहेश में यात्रा पर गए एक श्रद्धालु की सुंदरासी में मौत हो गई है।
इसके अलावा ऊना जिले के जनकौर गांव में भारी बारिश के चलते लेंटर गिर गया, जिसके नीचे दबकर बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक के शव को मंगलवार सुबह कड़ी मशक्कत कर 12 घंटे के बाद मलबे से बाहर निकाला जा सका। दोपहर करीब दो बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति में फंसे लोगों का हेलीकॉप्टर से जायजा लिया।
इसके अलावा उन्होंने कुल्लू और मनाली में ब्यास नदी के सहायक नदी-नालों से हुए नुकसान का जायजा भी लिया। इसके बाद मनाली से रोहतांग होते हुए कोकसर, सिस्सू और कुंजुम पास तक गए। हेलीकॉप्टर से प्रभावित इलाकों में फूड पैकेट्स भी वितरित किए।
लाहौल में भारी बर्फबारी के बीच फंसे 306 लोगों को मंगलवार देर शाम को रोहतांग टनल होकर मनाली पहुंचाया। इसमें आईआईटी रुड़की के 45 विद्यार्थियों के अलावा कई विदेशी शामिल हैं। इसमें लाहौल-स्पीति में फंसी भारतीय मूल की अमेरिकी युवती व उनकी पांच सहेलियों के होने की भी सूचना है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि इन लोगों को रोहतांग टनल से द्वारा मनाली पहुंचाया।