चुनाव खत्म होने के बाद मिलेंगे 9700 मेधावी बच्चों को लैपटॉप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के 9700 मेधावी विद्यार्थियों को लोकसभा चुनाव के बाद लैपटॉप मिलेंगे। लैपटॉप खरीद के लिए राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन 22 मार्च को बिड खोलेगी, लेकिन आचार संहिता हटने के बाद टेंडर अवार्ड होंगे। दसवीं और जमा दो कक्षा के 8800 व कॉलेजों के 900 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे।
साल 2018 में मेधावी विद्यार्थियों को सरकार लैपटॉप नहीं दे सकी थी। साल 2012 में धूमल सरकार के समय शुरू की गई। इस योजना को चलाने या बंद करने के संशय के बीच जयराम सरकार ने पूरा साल निकाल दिया। जनवरी 2019 में सरकार ने लैपटॉप देने का फैसला लेते हुए स्कूलों के दस हजार मेधावियों की संख्या को कम करते हुए 8800 किया। इसमें दोनों कक्षाओं के 4400-4400 मेधावी शामिल किए गए।
जयराम सरकार ने बदला योजना का नाम
इसी योजना के तहत कॉलेजों के 900 मेधावी भी शामिल किए गए हैं। फरवरी महीने में इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन ने लैपटॉप की खरीद शुरू की। पहली मार्च को प्री बिड बैठक की गई है। 22 मार्च को बिड खुलेगी। इसके बाद फाइनेंशियल और टेक्निकल बिड होगी।
अप्रैल महीने तक यह प्रक्रिया चलेगी। 27 मई तक चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी। ऐसे में 27 मई के बाद कारपोरेशन टेंडर अवार्ड करेगी। ऐसे में संभावित है जुलाई महीने तक मेधावियों को लैपटॉप मिल सकेंगे।
जयराम सरकार ने कांग्रेस सरकार की राजीव गांधी डिजिटल योजना का नाम भी बदल दिया है। अब मेधावियों को श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना के तहत लैपटॉप दिए जाएंगे।
श्रीनिवास रामानुजन को संख्या सिद्धांत पर उनके हैरतअंगेज कार्य के लिए संख्याओं का जादूगर माना जाता है। महान गणितीय अवदान के लिए रामानुजन को गणितज्ञों का गणितज्ञ भी कहा जाता है।