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भ्रष्टाचार पर जो वीरभद्र सरकार से भिड़ा, उसे बर्खास्त कर दिया: परिसंघ
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 04 Jan 2018 05:17 PM IST
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कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष को बर्खास्त करने पर बवाल मच गया है। परिसंघ नेताओं ने बर्खास्तगी का विरोध जताया है। परिसंघ महासचिव संजय मोगु, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल दिवाकर शर्मा, जिला प्रधान कैलाश चौहान, मनोज कुमार, शीला चंदेल, हिमाचल शिक्षक मंच के संयोजक अश्वनी भट्ट और गणेश शर्मा ने बर्खास्तगी पर कड़ा रोष प्रकट किया है।
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कहा कि जिस कर्मचारी नेता के नेतृत्व में कर्मचारी परिसंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए पूर्व वीरभद्र सरकार में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाई, आज अपनी ही सरकार में शोषण हो रहा है। वीरभद्र सरकार में आवाज बुलंद करने वाले परिसंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार का बार-बार तबादला और दो बार निलंबन करके उत्पीड़न किया गया।
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कहा कि कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाकर वर्तमान भाजपा सरकार के लिए सत्ता का मार्ग प्रशस्त करने में सहयोग किया है। आज उसी कर्मचारी नेता को सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी ने कांग्रेस के एजेंडा के अनुसार एक उच्च अधिकारी की शह पर साजिश के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। इससे प्रदेश के ईमानदार कर्मचारी स्तब्ध हैं।
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संजय मोगु ने कहा कि बर्खास्तगी के कारण कर्मचारियों के उत्साह में कमी आई है। विनोद के नेतृत्व में कर्मचारी परिसंघ ने बागवानी विभाग के कुछ एक अधिकारियों के भ्रष्टाचार को सबूतों के साथ राज्यपाल से शिकायत भी की थी। आज उसी नेता को बागवानी विभाग से बर्खास्त कर दिया गया। परिसंघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि विनोद कुमार की बर्खास्तगी को शीघ्र रद्द किया जाए।