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OMG: बंदर को लगी ऐसी लत, निकल आई तोंद

Sat, 07 Feb 2015 09:32 AM IST
Updated Sat, 07 Feb 2015 09:32 AM IST
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Junk food turned out to be a monkey's belly in himachal.

डा. राजेंद्र प्रसाद टांडा मेडिकल कालेज के सहायक प्रोफेसर डा. विवेक चौहान ने संपर्क करने पर बताया कि तमाम प्रकार के जंक फूड व शीतलपेय में ‘हाई फ्रक्टोज कोर्न सिरप’ का प्रयोग मिठास के लिए किया जा रहा है जो कि शराब से भी घातक है।

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इसका सेवन निरंतर करने पर व्यक्ति उसका आदि हो जाता है। उन्होंने कहा कि जंक फूड व शीतल पेय का अत्याधिक प्रयोग बच्चों व युवाओं में मोटापे के अतिरिक्त शूगर व हृदय की तमाम बीमारियों का कारण बनता जा रहा है। बंदर भी इसी तरह की बीमारी की चपेट में हैं।

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जंकफूड की आदत से निकली तोंद, चलने में परेशानी

Junk food turned out to be a monkey's belly in himachal.

बच्चों में जंक फूड का बढ़ता क्रेज तो आपने सुना होगा, लेकिन बंदर केवल जंक फूड ही खाए यह शायद पहली बार सुना होगा। जी हां! राजगढ़ में एक बंदर जंक फूड पर जिंदा है।

आसपास के कूड़ेदान एवं दुकानों के बाहर चाऊमीन, चिप्स, कुरकुरे, ब्रेड, चाकलेट एवं कोल्ड ड्रिंक पीने का आदि बंदर की तोंद निकल आई है जिससे वह ज्यादा चल फिर भी नहीं सकता है।

उनके बदन के सारे बाल झड़ रहे हैं। जंक फूड को विशेषज्ञ मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी प्राण घातक मान रहे हैं।  
राजगढ़ ही नहीं प्रदेश के अन्य कई पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले बंदरों को वहां आने वाले सैलानियों की ओर से जंक फूड खाने को दिया जा रहा है और बंदर इसके आदि भी हो गए हैं।

जंकफूड से कई बंदरों के बाल उड़े

Junk food turned out to be a monkey's belly in himachal.

अक्सर वन्य प्राणियों में मोटापा कभी नहीं देखा गया। क्योंकि वह शाकाहारी एवं मांशाहारी होते हैं। लेकिन राजगढ़ में एक-दो बंदरों में यह देखने को मिल रहा है कि वह जंक फूड के दिवाने हैं। इसका असर बंदरों के बालों पर भी पड़ रहा है और कई बंदरों के बाल झड़ने शुरू हो गए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि आजकल बच्चे जंक फूड और शीतल पेय ज्यादा पसंद कर रहे हैं। माता-पिता के लाख मना करने के बाद भी वह जिद करते हैं।

यह आदत बच्चों में जंक फूड तथा शीतल पेय में मिठास के लिए डाले जाने वाले ‘हाई फ्रक्टोज कार्न सिरप’ के कारण है। सस्ता मीठा पदार्थ होने के कारण इसका प्रयोग धड़ल्ले से खाद्य पदार्थों एवं शीतल पेय में हो रहा है।

इसका निरंतर सेवन करने वालों को इसकी लत पड़ जाती है जो कि शराब के बराबर घातक है। बंदर भी अत्यधिक सेवन के कारण मोटापे की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

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