लोगों को नहीं लगाने होंगे चक्कर, बैंक तक अब ऑनलाइन पहुंचेगी जमाबंदी
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जमीन पर लोन लेने से पहले जमाबंदी हासिल करने के लिए लोगों को अब राजस्व व बैंक अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बैंक में लोन के लिए जमीन की जानकारी देने के बाद ऑनलाइन ही बैंक जमाबंदी के लिए राजस्व विभाग को आवेदन कर देंगे। इसके बाद राजस्व अधिकारी भी ऑनलाइन जमीन के विवरण के साथ जमाबंदी जारी कर देंगे।
राजस्व विभाग ने बैंकों और एनआईसी के साथ मिलकर इसके लिए नया पोर्टल तैयार किया है। अभी तक बैंक से जमीन पर लोन लेने के लिए लोगों को बैंकों और राजस्व अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
बैंक में लोन के आवेदन के बाद आवेदक को पटवारी से जमाबंदी लानी होती थी। इसमें यह विवरण होता था कि जमीन कितनी है, किसके नाम है और उस पर पहले से कोई लोन तो नहीं है। जमाबंदी के लिए लोगों के लेखपालों के कई दिन चक्कर काटने पड़ते थे।
लोगों को नहीं लगाने होंगे राजस्व अधिकारी के चक्कर
इसके बाद इसे बैंक में जमा कराना होता था जिसके आधार पर बैंक लोन रिलीज करते थे। लोगों की इसी दिक्कत को देखते हुए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने पर चर्चा हुई।
इसके बाद राजस्व विभाग ने बैंकों और एनआईसी के साथ मिलकर ऑनलाइन चार्ज बनाने के लिए पोर्टल तैयार किया। अब लोन के आवेदन के बाद बैंक ऑनलाइन ही राजस्व विभाग को जमाबंदी के लिए आवेदन कर देगा।
इसके बाद राजस्व विभाग भी ऑनलाइन ही संबंधित जमीन पर अपनी टिप्पणी कर देगा। राजस्व विभाग के निदेशक देवा सिंह नेगी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लागू होने से लोगों को अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।