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बिना बताए किडनी निकालने पर जांच शुरू, पीड़ित ने सुनाई आपबीती

Tue, 27 Sep 2016 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जाहू (हमीरपुर)
ब्यूरो/अमर उजाला, जाहू (हमीरपुर) Updated Tue, 27 Sep 2016 08:59 AM IST
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Inquiry Starts of Kidney Scam at Tanda Hospital.

हिमाचल के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में इलाज के नाम पर बिना बताए किडनी निकालने के मामले में सर्जरी विभाग की जांच शुरू हो गई है। टीएमसी की अतिरिक्त निदेशक मधु चौधरी ने सर्जिकल विभाग के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट से शिकायतकर्ता मरीज की बीमारी की सारी जानकारी मांगी है।

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सोमवार को पीड़ित मरीज को टीएमसी बुलाकर अतिरिक्त उपनिदेशक ने उनसे बीमारी और ऑपरेशन के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होंने पीड़ित को आश्वस्त किया कि जांच के बाद इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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हमीरपुर के जाहू निवासी जयपाल ने बताया कि उन्हें सोमवार को टीएमसी बुलाया गया था। अतिरिक्त निदेशक ने बीमारी और ऑपरेशन के बारे में पूछताछ की है। जयपाल ने अतिरिक्त उपनिदेशक को बताया कि वर्तमान में उनका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है।
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पीजीआई के डॉक्टरों ने उनकी रेशे की बीमारी का किडनी से कोई संबंध होने से इनकार किया है। जयपाल ने कहा कि पीजीआई के डॉक्टरों ने यहां तक कहा है कि अगर रेशे से जुड़ी बीमारी के लिए कोई स्ट्रांग दवाई दी तो दूसरी किडनी पर भी असर पड़ सकता है।

पीजीआई के डॉक्टरों ने उनके कई तरह के टेस्ट लिखे हैं, जिनका खर्च करीब 40 से 50 हजार रुपये है। पीड़ित ने टीएमसी प्रशासन ओर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले की शीघ्र जांच करवाने की मांग की है ताकि शीघ्र न्याय मिल सके।

रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
टीएमसी अतिरिक्त निदेशक मधु चौधरी ने कहा कि शिकायतकर्ता जयपाल को टीएमसी बुलाया गया था। उनसे बीमारी और ऑपरेशन के बारे में पूछताछ की गई है। उन्होंने कहा कि जयपाल की बीमारी के बारे में सर्जरी विभाग के एचओडी से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

यह है मामला
16 दिसंबर 2014 को रेशे की बीमारी के उपचार के लिए जाहू निवासी जयपाल टीएमसी में दाखिल हुए। टेस्ट के बाद 29 दिसंबर 2014 को ट्यूमर का तर्क देकर डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान बिना बताए दाईं किडनी को निकाल लिया।


उसके बाद डाक्टरों ने बताया कि अब बीमारी से छुटकारा मिल जाएगा लेकिन जयपाल ने बताया कि अप्रैल 2013 से आज तक वह बीमारी से पीड़ित हैं। इसके बाद जयपाल ने प्राइवेट क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड करवाया तो पाया कि दाईं किडनी निकाल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने किडनी निकालने की बात को छिपाया है।

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