एशियन गेम्स: फाइनल में हारकर भी दिल जीत गईं बेटियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एशियन गेम्स महिला कबड्डी के फाइनल में बेशक भारत हार गया, लेकिन बेटियों ने खेल से प्रशंसकों का दिल जीत लिया। फाइनल में भी बेटियों ने गोल्ड के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन टीम मामूली अंतर से हार गई।
भारत के हिस्से में सिल्वर आया है। फाइनल तक के सफर में हिमाचल की बेटियों ने दमदार खेल दिखाया। मनाली की कविता ठाकुर, सिरमौर की प्रियंका और रितु नेगी ने खेल से सबका दिल जीता। फाइनल में रितु नेगी ने अपने खेल से सबको प्रभावित किया।
सिरमौर सहित पूरे हिमाचल में फाइनल में मिली हार के बाद मायूसी जरूर है लेकिन प्रशंसकों को इस बात की खुशी है कि हिमाचल की बेटियों ने खेल से सबका दिल जीत लिया। लोगों को इस बात की खुशी है कि बेटियां खाली हाथ वापस नहीं आएंगी। गोल्ड न सही सिल्वर लाना भी देश के लिए गर्व की बात है।
फाइनल देखने का रोमांच
ईरान के साथ फाइनल मैच देखने का रोमांच प्रदेश भर में था। दोपहर डेढ़ बजे मुकाबला शुरू होते ही प्रशंसक दिल थामकर बैठ गए। युवाओं ने मोबाइल पर लाइव देखा। पहले हाफ तक टीम इंडिया बढ़त बनाए हुए थी।
इससे दर्शक रोमांचित हो उठे। लेकिन, पहले हाफ के बाद ईरान ने बाजी पलटते हुए मैच अपने पक्ष में कर लिया। शिलाई में बिजली बंद होने से लोग मोबाइल पर लाइव प्रसारण देख रहे थे। मायूसी के साथ ही लोगों में यह भी खुशी थी कि भारत सिल्वर मेडल लेकर आएगा।
गोल्ड मेडल जीतने से टीम महज तीन अंकों से चूक गई। दोनों टीमों में कांटे की टक्कर हुई। मैच हारने से युवा मायूस दिखे। हालांकि, अभिभावकों और लोगों का कहना है कि बेटियों का सिरमौर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया जाएगा। यदि टीम इंडिया गोल्ड जीतने में कामयाबी होती तो जोरदार जश्न शुरू हो जाता।
रितु के पिता बोले, खराब अंपायरिंग से हारी बेटियां
गोल्ड मेडल की हैट्रिक मनाने से चूकी भारतीय महिला कबड्डी टीम की हार के लिए खराब अंपायरिंग भी कहीं न कहीं वजह रही। सिरमौर के शिलाई से भारतीय टीम में राइट डिफेंडर के तौर पर खेलने वाली रितु नेगी के पिता भवान सिंह नेगी ने मैच के बाद यह प्रतिक्रिया दी।
इधर, फाइनल में प्रियंका नेगी के नहीं खेलने से दर्शकों में मायूसी रही। रितु नेगी के पिता भवान सिंह नेगी ने कहा कि खेल में हार जीत चलती रहती है।
गोल्ड नहीं मिलने का मलाल जरूर रहेगा।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच में इस तरह की अंपायरिंग किसी भी टीम को हरा सकती है। पांच-छह बार टीम के हक में प्वाइंट नहीं दिया गया। इधर, प्रियंका के पिता कंवर सिंह नेगी ने कहा कि सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया।
गोल्ड नहीं लाने का दुख पर बेटियों के खेल पर नाज
सिल्वर मेडल लेकर देश लौट रही कबड्डी खिलाड़ियों का दिल्ली एयरपोर्ट पर शानदार स्वागत किया जाएगा। इसके लिए रितु नेगी के परिजन दिल्ली जा रहे हैं। शनिवार शाम को नौ बजे यह टीम दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगी।
भवान सिंह ने बताया कि वह सुबह परिवार के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। शाम नौ बजे उनका वहां स्वागत होगा। इसके बाद वह बेटी के साथ ही वापस आएंगे।
एशियन गेम्स में महिला कबड्डी टीम की हार से मनाली में भी मायूसी छा गई। कविता ठाकुर के पिता पृथ्वी सिंह ठाकुर और माता कृष्णा ठाकुर ने कहा कि टीम फाइनल में हारी इस बात का दुख है लेकिन बेटियां जिस तरह से खेली हैं, इस पर उन्हें नाज है।
थर्वन नेगी, सुशील नेगी, राजेश शर्मा, कविता की बहन कल्पना ठाकुर, सुशील महंत, रोशन लाल सोनी ने सिल्वर जीतना भी गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कविता का जोरदार स्वागत किया जाएगा।