इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड बताएगा आपकी खराब सेहत की कुंडली
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सोचिए आप डाक्टर के पास जाएं और महज एक क्लिक पर डाक्टर को आपकी बीमारियों की सारी जानकारी मिल जाए तो इलाज कितना आसान हो जाएगा। आईआईटी मंडी और अमेरिका की मशहूर फार्मा कंपनी के विशेषज्ञ ऐसी ही व्यवस्था करने में जुटे हैं।
ये विशेषज्ञ इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड तैयार करने में लगे हैं जो डॉक्टर की पर्ची की जगह ले लेगा। सबकुछ ठीक रहा तो इस इलेक्ट्रानिक कार्ड में मरीज की बीमारी का सारा डाटा फीड कर दिया जाएगा। यहां तक कि दवाईयां और टेस्ट संबंधी जानकारी भी इसमें फीड कर दी जाएगी। इस कार्ड को तैयार कर आधार कार्ड से लिंक करने की संभावनाओं पर भी काम जारी है।
शोधकर्ता के अनुसार अमेरिका में आधार की तरह इस्तेमाल होने वाले सोशल सिक्योरिटी नंबर को इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड से जोड़ा गया है। मरीजों की हर जानकारी डाक्टर को महज एक क्लिक पर मिल जाती है।
मशीन लर्निंग आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस तकनीक से आकलन अलगॉरिदम पद्धति पर यह शोध किया जा रहा है। हालांकि, भारत के स्वास्थ्य संस्थानों में इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड के इस्तेमाल के लिए आधारभूत ढांचा विकसित कर अस्पतालों को ऑनलाइन करना होगा। अभी तक केवल दिल्ली के कुछ अस्पतालों में इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड का उपयोग संभव है।
खपत के आधार पर होगा दवाओं का उत्पादन, शोध कार्य को बनेगा पोर्टल
आईआईटी मंडी में चल रहे इस शोध कार्य में दवाईयों की खपत पर शोध होगा। इसमें देशभर से दवाईयों की खपत का डाटा एकत्र किया जाएगा। यह डाटा फार्मा कंपनियां से शेयर किया जाएगा। जिससे खपत के आधार पर पर ही दवाईयों का उत्पादन होगा।
इससे दवाईयों की कमी देश में नहीं खलेगी। शोध कार्य में जुटे वैज्ञानिक एक मशीन लर्निंग पोर्टल भी बनाएंगे। इस पोर्टल पर संबंधित शोध से जुड़े डाटा को साझा किया जाएगा, ताकि अन्य शोधकर्ता भी इस विषय पर जानकारी जुटा सकें।
दुर्लभ बीमारियों के डाक्टर तक पहुंच होगी आसान
वैज्ञानिक इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड बनाने के साथ ही एक ऑनलाइन टूल भी बना रहे हैं, जिससे दुर्लभ बीमारियों के इलाज करने वाले डाक्टर तक मरीजों की पहुंच आसान हो जाएगी। इस टूल को रेयर डिजिट फिजिशियन फाइंडर का नाम दिया गया है। इसमें हर एक बीमारी के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ डाक्टर की जानकारी आसानी से मिलेगी।
सरकार को प्रेषित करेंगे शोध की रिपोर्ट: प्रोफेसर
आईआईटी मंडी के प्रोफेसर वरुण दत्त ने कहा कि शोध में भारत में इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड बनाने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। शोध के बाद रिपोर्ट को सरकार को प्रेषित किया जाएगा, ताकि सरकार इस पर विचार कर भारत में इस पद्धति को लागू करने के लिए ढांचा विकसित करने की योजना तैयार कर सके।