फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   iit mandi himachal: treatment of Zika virus hidden in This tablet of six rupees

छह रुपये की इस टैबलेट में छिपा जीका वायरस का इलाज

Tue, 29 Jan 2019 05:00 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी Published by: ashok chauhan Updated Tue, 29 Jan 2019 05:00 AM IST
विज्ञापन
iit mandi himachal: treatment of Zika virus hidden in This tablet of six rupees

जीका वायरस के इलाज को लेकर आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने बड़ा दावा किया है। मलेरिया की महज छह रुपये की हाइड्रॉक्सीक्लोराक्वीन गोली में जानलेवा जीका वायरस का इलाज छिपा है।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शोधकर्ताओं ने इसका दावा किया है।

विज्ञापन


सेंट लुईस अमेरिका स्थित वाशिंगटन और तमिलनाडु के अलगप्पा विवि के शोधकर्ताओं ने मिलकर जीका वायरस के उस लक्षित वायरल प्रोटीन की पहचान की, जिस पर मलेरिया की दवा असर करती है। आईआईटी मंडी में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रजनीश गिरि ने इसकी पुष्टि की है।

विज्ञापन

मार्केट में महज इतने रुपये में उपलब्ध है दवा

iit mandi himachal: treatment of Zika virus hidden in This tablet of six rupees

प्रो. रजनीश गिरि ने कहा कि वाशिंगटन विवि की प्रो. इंदिरा मैसूरकर के अतिरिक्त तमिलनाडु की अलगप्पा यूनिवर्सिटी के प्रो. संजीव कुमार के सहयोग से यह शोध अमेरिकन केमिकल सोसायटी में सीएस ओमेगा जर्नल में पब्लिश हुआ।

गौरतलब है कि मलेरिया की हाइड्रॉक्सीक्लोराक्वीन 200 एमजी का पत्ता मार्केट में महज नब्बे रुपये में उपलब्ध है। शोध के दौरान जीका वायरस को रोकने के लिए प्रोटीन नामक एक महत्वपूर्ण इंजाइम को निशाना बनाया गया। यह इंजाइम वायरस को जीवित रखता है। मलेरिया की दवा से इस इंजाइम का असर कम हुआ।  

10 लाख से अधिक लोग जीका वायरस की चपेट में 

iit mandi himachal: treatment of Zika virus hidden in This tablet of six rupees

शोधकर्ताओं की मानें तो दुनिया में दस लाख से अधिक लोग जीका वायरस से प्रभावित हैं। गर्भवती महिलाओं पर यह अधिक असर करता है और जच्चा-बच्चा के लिए जानलेवा होता है।

यह वायरस खास किस्म के फ्लैवीवायरस जींस के मच्छर से फैलता है। इसके जींस में डेंगू के वायरस, येलो फीवर वायरस और जापानी इनसेफ्लाइटिस के वायरस शामिल हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, सुस्ती, आंखों में लाली इसके लक्षण हैं। 

विज्ञापन

ऐसे शुरू हुआ शोध

iit mandi himachal: treatment of Zika virus hidden in This tablet of six rupees

शोधकर्ताओं के अनुसार सेंट लुईस अमेरिका स्थित वाशिंगटन विवि की प्रो. इंदिरा मैसूरकर की खोज से यह सामने आया कि मलेरिया की प्रचलित दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन जीका वायरस के संक्रमण को कम करती है।

खासकर किसी मां से उसके गर्भ में पल रहे बच्चों को यह वायरस प्रभावित नहीं करेगा। इसी निष्कर्ष पर काम करते हुए प्रो. गिरि की प्रयोगशाला ने उस लक्षित वायरल प्रोटीन की पहचान की है, जिस पर एचसीक्यू असर करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed