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आईजीएमसी में अब जरूरी ऑपरेशन ही करेंगे चिकित्सक
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कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने जारी किए निर्देश
कोरोना के मामले घटने के बाद होंगे छोटे ऑपरेशन
अस्पताल में रोजाना आ रहे औसतन 25 कोरोना केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अब ऑपरेशनों की संख्या में कटौती की जा सकती है। अस्पताल में केवल अति आवश्यक ऑपरेशन होंगे। आईजीएमसी प्रबंधन ने इस बारे चिकित्सकों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं।
मरीजों के हर्निया समेत अन्य छोटे ऑपरेशन अब कोरोना के मामले कम होने के बाद ही होंगे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जिन मरीजों के ऑपरेशन जरूरी हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज टेस्ट के बाद कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। इनमें से कई ऐसे मरीज भी हैं जिनके ऑपरेशन होने हैं। लिहाजा कई बार मरीज ऑपरेशन थियेटर में पहुंच जाते हैं और टेस्ट रिपोर्ट बाद में आने से पता चलता है कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। ऐसे में डॉक्टरों को हाई रिस्क में होने के चलते आइसोलेट होना पड़ता है। इसके चलते अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। प्रदेशभर से इलाज के लिए आए अन्य मरीजों को भी इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एहतियात बरतना जरूरी : डॉ. सुरेंद्र
आईजीएमसी के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन बंद करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। एहतियात के तौर पर ऑपरेशनों की संख्या में कुछ कमी की जा सकती है।
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कोरोना के मामले घटने के बाद होंगे छोटे ऑपरेशन
अस्पताल में रोजाना आ रहे औसतन 25 कोरोना केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अब ऑपरेशनों की संख्या में कटौती की जा सकती है। अस्पताल में केवल अति आवश्यक ऑपरेशन होंगे। आईजीएमसी प्रबंधन ने इस बारे चिकित्सकों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं।
मरीजों के हर्निया समेत अन्य छोटे ऑपरेशन अब कोरोना के मामले कम होने के बाद ही होंगे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जिन मरीजों के ऑपरेशन जरूरी हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज टेस्ट के बाद कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। इनमें से कई ऐसे मरीज भी हैं जिनके ऑपरेशन होने हैं। लिहाजा कई बार मरीज ऑपरेशन थियेटर में पहुंच जाते हैं और टेस्ट रिपोर्ट बाद में आने से पता चलता है कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। ऐसे में डॉक्टरों को हाई रिस्क में होने के चलते आइसोलेट होना पड़ता है। इसके चलते अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। प्रदेशभर से इलाज के लिए आए अन्य मरीजों को भी इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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एहतियात बरतना जरूरी : डॉ. सुरेंद्र
आईजीएमसी के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन बंद करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। एहतियात के तौर पर ऑपरेशनों की संख्या में कुछ कमी की जा सकती है।
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