आइस फैक्टरी जल कर राख, 10 लाख रुपये का नुकसान
रामपुर की इंदिरा मार्केट में शनिवार देर रात अग्निकांड से आइस फैक्टरी जल कर राख हो गई। अग्निकांड में करीब 10 लाख का नुकसान हुआ। हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मालिक नानकचंद हर रोज की तरह अपनी फैक्टरी को बंद कर साथ लगते कमरे में काम कर रहा था। अचानक उसे कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। नानकचंद हड़बड़ा कर बाहर निकला।
फैक्टरी के एक हिस्से से आग की लपटें बाहर आ रही थी। आग को देखकर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा और आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसी बीच किसी ने अग्निशमन विभाग को फोन पर अग्निकांड की सूचना दी। नानकचंद इस आग को रोकने के लिए आगे बढ़ा। लेकिन लोगों ने उसे आगे जाने से रोक दिया। इसी बीच भीतर रखे स्टोव के फटने से जोरदार आवाज आई। इसके बाद अफरातफरी मच गई। इसके बाद मौके पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी पहुंच गई।
दमकल कर्मियों की सूझबूझ ने बचा ली मार्केट
दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कोशिश की। फैक्टरी में रखा फ्रिज और अन्य सामान आग की चपेट में आ गया। दमकल कर्मियों ने आग पर एक घंटे के भीतर काबू पा लिया। इसी बीच एसडीएम दलीप नेगी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने राहत कार्य का जायजा लिया।
वह भी 12 बजे तक मौके पर डटे रहे। अगर दमकल कर्मियों ने तेजी नहीं दिखाई होती तो साथ लगती मीट मार्केट भी इस आग में स्वाह हो जाती। आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग ने नानकचंद की पूरी जिंदगी की मेहनत को पल भर में ही स्वाह कर दिया। घटना के बाद नानकचंद आग में जले और भीतर बचे सामान को समेट रहा था।
फैक्टरी में आइसक्रीम और कोल ड्रिंक्स बनाने का काम किया जाता था। एसडीएम रामपुर दलीप नेगी ने बताया कि देर रात इंदिरा मार्केट में आइस फैक्टरी में आग लगने की नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना से दस के नुकसान का अनुमान है।
आग की भेंट चढ़ गईं 45 झुग्गियां
ऊना जिले के धंधड़ी में एक अग्निकांड में प्रवासी मजदूरों की 45 झुग्गियां आग की भेंट चढ़ गईं। इससे झोपड़ियों में रखा उनका सारा घरेलू सामान और नकदी भी स्वाह हो गई। आग की घटना में करीब पांच लाख का नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, सौभाग्यवश इतने बड़े अग्निकांड में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है।
दमकल विभाग की टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। लेकिन, तब तक सारी झोपड़ियां राख में तबदील हो चुकी थीं। घटना के कारणों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। उधर, पुलिस ने भी मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक रविवार को उपमंडल के तहत टकारला के नजदीक धंधड़ी गांव में सुबह करीब 11 बजे अचानक झोपड़ियों से आग की लपटें निकलनी शुरू हो गईं। देखते ही देखते आग ने आसपास सटी सभी झोपड़ियों को तेजी से अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लोगों में हड़कंप मच गया। अंब से फायर ब्रिगेड कर्मियों के पहुंचने से पहले ही वहां लगभग सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
बताया जा रहा है कि झोपड़ियों में रहने वाले अधिकांश लोग मेहनत मजदूरी करते हैं और जब आग लगी तब वे सभी मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे। जबकि उनके बच्चे तथा मजदूरी न कर सकने वाले वृद्ध ही झोपड़ियों में थे। मजदूरों के पास अब तन पर पहने कपड़ों के अलावा सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया।
आग की घटना के बाद स्थानीय लोग और ग्राम पंचायत के प्रधान विजय कुमार भी मौके पर पहुंच गए। ग्राम पंचायत प्रधान ने प्रशासन से मांग की है कि प्रवासी मजदूरों की उचित सहायता की जाए। उधर, घटना का मौके पर जायजा लेने पहुंचे सब इंस्पेक्टर हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।