हैदराबाद में हैवानियत की घटना और देश में महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार के खिलाफ देश की सबसे युवा प्रधान एवं ओरिएंटल फाउंडेशन की संस्थापक जबना चौहान शुक्रवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठीं। जबना के साथ कई राज्यों से आए संगठनों व संस्थाओं के पदाधिकारी भी धरने में शामिल हुए।
हिमाचल के मंडी की जबना चौहान ने कहा कि दुष्कर्म या दुष्कर्म के बाद हत्या जैसे जघन्य अपराध तभी रुकेंगे, जब सख्त कानूनों का सख्ती से क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजकर संविधान में संशोधन कर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की अपील की।
साथ ही दुष्कर्म की घटनाओं में शामिल महिलाओं के हत्यारों को सार्वजनिक स्थान पर फांसी या गोली मारने की सजा का सख्त कानून बनाने की गुहार लगाई। जबना ने कहा कि महिला से छेड़छाड़ चाहे देश के किसी भी कोने में हो, ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को बीच चौराहे पर फांसी देनी चाहिए। इसके लिए संविधान में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी प्रमुखता से इस तरह की घटनाओं की कवरेज करने की इजाजत मिलनी चाहिए।
जबना चौहान का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया, जब वह 2016 में 22 वर्ष की आयु में देश की सबसे युवा प्रधान बनीं और पंचायत में शराबबंदी लागू की। इस पर जबना चौहान को जान से मारने की धमकी भी मिली लेकिन वह पीछे नहीं हटीं। जबना ने क्षेत्र में अपनी पंचायत को जिला में नंबर वन पर पहुंचाया।
मंडी जिला के गोहर ब्लॉक की थरजून पंचायत की इस युवा प्रधान को सराहनीय कार्यों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सम्मानित कर चुके हैं।