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Shimla News: लोगों के घरों के लिए खतरा बने सौ पेड़ कटेंगे

Fri, 24 Jan 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:59 PM IST
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Hundred trees posing threat to people's homes will be cut
वन विभाग ने दी पेड़ों को काटने की मंजूरी, लोगों को अपने खर्चे पर हटाने को यह पेड़
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हर साल बरसात में तबाही मचाते हैं यह पेड़
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के टुटीकंडी, खलीनी, न्यू शिमला और भराड़ी क्षेत्रों में वन विभाग ने 100 खतरनाक पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। इन पेड़ों के गिरने से स्थानीय लोगों के घरों को खतरा था। इसके चलते पेड़ों को काटने का फैसला लिया है।

शहर में खतरनाक पेड़ों की पहचान के लिए एक समिति का गठन किया है जो हर मामले की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की सिफारिश करती है। इस प्रक्रिया के तहत जिन पेड़ों से तत्काल खतरा है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। हालांकि पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति प्राप्त करने के बाद संबंधित व्यक्तियों को स्वयं अपने खर्च पर पेड़ कटवाने की व्यवस्था करनी होगी। इस प्रक्रिया में उन्हें नगर निगम या वन विभाग के नियमों का पालन करना जरूरी है।
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वन विभाग शिमला ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं पेड़ों को हटाया जाएगा जो वास्तव में खतरनाक है। इस प्रक्रिया में पर्यावरण संतुलन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रदेश सरकार ने खैर, सफेदा, पापुलर और बांस जैसी कुछ प्रजातियों के पेड़ों के कटान पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वह खतरनाक पेड़ों की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें ताकि समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जा सके। गौरतलब है कि बरसात में बारिश और सर्दी के मौसम में हिमपात के कारण हर साल सैकड़ों पेड़ गिरते हैं जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। पेड़ों के गिरने से घरों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अब इन पेड़ों के कटने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद हैै। वन विभाग के डीएफओ पवन चौहान ने बताया कि पेड़ों की कटाई के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए नए पौधों के रोपण को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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