फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HP panchayat election: credibility of ministers and MLAs is at stake in the Zila Parishad election, BJP is al

Himachal: जिला परिषद चुनाव में मंत्रियों और विधायकों की साख दांव पर, भाजपा की भी अग्नि परीक्षा

Sat, 18 Apr 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 18 Apr 2026 05:00 AM IST
सार

मंत्रियों और विधायकों की साख सीधे तौर पर दांव पर लगी है। इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है।

विज्ञापन
HP panchayat election:  credibility of ministers and MLAs is at stake in the Zila Parishad election, BJP is al
पंचायत चुनाव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद का चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए सियासी ताकत का बड़ा इम्तिहान साबित होगा। मंत्रियों और विधायकों की साख सीधे तौर पर दांव पर लगी है। इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। करीब डेढ़ साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस और भाजपा जिला परिषद चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। राजनीतिक दृष्टि से जिला परिषद के चुनाव में जिला शिमला इस बार सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला है। यहां से कांग्रेस के तीन मंत्री और चार विधायक आते हैं, जबकि चौपाल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का प्रतिनिधित्व है।

विज्ञापन

ऐसे में शिमला जिला परिषद के नतीजे सीधे तौर पर कांग्रेस के प्रदर्शन और संगठनात्मक मजबूती का संकेत देंगे। यदि यहां कांग्रेस कमजोर पड़ती है तो यह पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन सकता है, वहीं भाजपा इसे बड़े मौके के रूप में देख रही है। राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिष्ठा भी इन चुनावों से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हमीरपुर जिला से आते हैं जबकि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ऊना जिले से हैं। कांगड़ा जिले से दो मंत्री यादवेंद्र गोमा और चंद्र कुमार हैं। जिला सोलन से धनीराम शांडिल, सिरमौर से हर्षवर्धन चौहान और किन्नौर से जगत सिंह नेगी मंत्री हैं। जिला चंबा से विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया हैं। इन सभी जिलों में चुनाव परिणाम संबंधित मंत्रियों के प्रभाव और जनाधार की परीक्षा लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस के 40 और भाजपा के 28 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस जहां अपनी बढ़त को मजबूत करने की कोशिश करेगी, वहीं भाजपा इन चुनावों के जरिए वापसी का संदेश देने का प्रयास करेगी। जिला परिषद चुनावों में जीत-हार का असर सीधे तौर पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ेगा और यही मनोबल आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। जिला परिषद चुनावों के नतीजे प्रदेश की सियासत की दिशा तय भी कर सकते हैं। अगर कांग्रेस अपना दबदबा बनाए रखती है तो यह सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर मानी जाएगी, जबकि भाजपा के बेहतर प्रदर्शन से यह संकेत मिलेगा कि विपक्ष अभी भी मजबूत चुनौती देने की स्थिति में है।

विज्ञापन

जिला परिषद का चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे है कई नेता
जिला परिषद सदस्य चुनने के बाद कांग्रेस और भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए मारामारी होगी। दोनों पार्टियों के नेता चाहेंगे कि उनके समर्थित सदस्य अध्यक्ष बनें। हिमाचल में 6 विधायक ऐसे हैं जो जिला परिषद के बाद विधानसभा की दहलीज पर पहुंचे हैं, इसमें पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक पवन काजल, सुरेंद्र शैरी, रीना कश्यप, हंसराज और अनुराधा राणा शामिल हैं।

जिला परिषद चुनावों में समर्थित प्रत्याशी उतारेगी भाजपा
जिला परिषद चुनावों को लेकर भाजपा ने स्पष्ट रणनीति बना दी है। पार्टी समर्थित प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। इसके तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों, जिला अध्यक्षों, प्रभारी और सह-प्रभारियों को समन्वय बैठकें कर तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर हाईकमान को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम चयन पार्टी नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और वरिष्ठ नेता विपिन परमार की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। विपिन परमार को इस चुनावी टोली का अध्यक्ष बनाया गया है, जो पूरे प्रदेश में समन्वय और रणनीतिक क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे हैं। विपिन सिंह परमार ने कहा कि संगठन स्तर पर लगातार बैठकों और समन्वय के माध्यम से चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिन संभावित प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर पोस्टर जारी किए हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से वापस लेने के निर्देश दिए हैं।

प्रत्याशियों के चयन के लिए पर्यवेक्षक तैनात करेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनावों को लेकर पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राजीव भवन में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति और राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) की बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए कमेटियां गठित करने और जिला स्तर पर पर्यवेक्षक तैनात करने का निर्णय लिया गया है। चुनावों में कांग्रेस विचारधारा से जुड़े कर्मठ कार्यकर्ताओं और युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सभी अग्रणी संगठनों को जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर योग्य उम्मीदवारों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed