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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Court, Orders to remove 472 encroachments from National and State Highways in Himachal

HP High Court: हिमाचल में नेशनल और स्टेट हाईवे से 472 कब्जों को हटाने के आदेश

Tue, 08 Nov 2022 10:27 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 08 Nov 2022 10:27 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के नेशनल और स्टेट हाईवे से 472 कब्जों को हटाने के आदेश दिए हैं। जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को लोक निर्माण विभाग को उचित पुलिस सहायता मुहैया करवाने के आदेश भी दिए गए हैं। 

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HP High Court, Orders to remove 472 encroachments from National and State Highways in Himachal
हिमाचल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के नेशनल और स्टेट हाईवे से 472 कब्जों को हटाने के आदेश दिए हैं। जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को लोक निर्माण विभाग को उचित पुलिस सहायता मुहैया करवाने के आदेश भी दिए गए हैं। न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग से एक दिसंबर तक अनुपालना रिपोर्ट तलब की है।   खंडपीठ ने हाईवे पर किए गए कब्जों से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए हैं। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने शपथपत्र के माध्यम से खंडपीठ को कब्जों का विवरण सौंपा है। बताया गया कि सड़क की अधिग्रहीत चौड़ाई पर कब्जों के 472 मामले पाए गए हैं। राजस्व विभाग की ओर से सीमांकन के अभाव में अतिक्रमणकारियों को बेदखल नहीं किया जा सकता है।

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खंडपीठ ने हैरानी जताते हुए कहा कि कब्जे हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग सीमांकन का इंतजार क्यों कर रहा है जबकि सड़क की अधिग्रहीत चौड़ाई पर ही कब्जा किया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी भूमि जो किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं है या स्थानीय अधिकारियों में निहित नहीं है, वह सरकार की है। सभी खाली भूमि पर सरकार का ही अधिकार है जब तक कि कोई व्यक्ति अपना अधिकार स्थापित नहीं कर पाता। खंडपीठ ने कहा कि मामले की आगामी सुनवाई के दौरान राजमार्गों के किनारे शौचालय आदि विकसित करने पर भी विचार किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उसने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण कर लगभग 8-9 साल पहले एक ढाबा बना दिया। इस ढाबे के बनने से यातायात के मुक्त प्रवाह में कोई बाधा नहीं आ रही है। ऐसे में याचिकाकर्ता ने अदालत से उसका ढाबा न गिराने की गुहार लगाई थी। 

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