जेबीटी प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
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जेबीटी प्रमोशन पर हिमाचल हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। एक साथ 15 याचिकाओं का निपटारा करते हुए न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने कहा है कि खाली पदों के बैकलाग को भरने के लिए शिक्षा विभाग उसी साल में प्रभावी नियमों को लागू करे, जिस साल की वेकेंसी हो।
खासकर जुलाई से अक्तूबर 2009 के बीच की वेकेंसी को उस वक्त प्रभावी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के मुताबिक भरा जाए। इसके बाद की प्रमोशन नए नियमों के तहत होगी। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा विभाग सेवा नियम 1973 में स्पष्ट है कि ये 22 अक्तूबर, 2009 को संशोधित किए गए।
इसके बाद इनमें 16 जुलाई, 2011 को संशोधन हुआ। इसलिए टीजीटी मेडिकल-नॉन मेडिकल के बैकलाग पदों के लिए संशोधित नियम लागू नहीं होंगे। कोर्ट ने ये भी कहा कि इससे पहले चंद्रकांता बनाम राज्य सरकार केस में भी हाईकोर्ट ने यही फैसला दिया था। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में पिछले तीन साल से अटकी प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।
कोर्ट में जाने से रुकी पड़ी थी प्रमोशन
पहले नेशनल काउंसिल फार टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की ओर से 2010 में लागू किए गए नियमों और फिर अगस्त 2013 से हाईकोर्ट में केस जाने के कारण ये प्रमोशन रुकी हुई हैं।
2010 में एनसीटीई ने टीईटी पास करने और ग्रेजुएशन में 50 फीसदी अंकों की शर्त प्रमोशन के लिए लगा दी थी। टीईटी पास न कर पाने वाले कुछ जेबीटी इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। हवाला दिया गया कि साइंस में ही 359 बैकलाग पद हैं, जिन्हें पुराने नियमों पर ही भरा जाए।
इसके बाद सरकार के समर्थन में टीईटी पास करने वाले जेबीटी भी कोर्ट चले गए। इसके बाद कोर्ट ने ये व्यवस्था दी है कि पुरानी वेकेंसी पुराने नियमों और नई वेकेंसी नए नियमों से भरी जाए।
फैसले का सबने किया स्वागत
बैकलाग पदों पर पुराने नियमों के तहत प्रमोशन के फैसले का हिमाचल शिक्षक क्रांति मंच ने स्वागत किया है। अध्यक्ष विजय हीर ने मुख्यमंत्री को फैसले की प्रति भेजकर जल्द प्रमोशन करने को कहा है।
दूसरी ओर, टेट पास जेबीटी के संयोजक प्रवीण कुमार ने कहा कि इस फैसले से शिक्षा में गुणवत्ता आएगी। नए पदों को भरने के लिए पुराने नियम नहीं लगेंगे।
चूंकि, आर्ट्स में बैकलाग नहीं है, इसलिए आर्ट्स में पुराने नियम लागू नहीं होंगे। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द प्रमोशन की मांग की।