शिक्षकों की डेपुटेशन पर वीरभद्र सरकार ने लिया यू टर्न
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प्रदेश में शिक्षकों के डेपुटेशन पर सरकार ने पांच दिन में ही यू टर्न ले लिया है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने डेपुटेशन पर गए सभी शिक्षकों को वापस बुलाने की बात कही थी। लेकिन शिक्षा विभाग के उच्च स्तर के अफसरों का कहना है डेपुटेशन पर तैनात सभी शिक्षक वापस नहीं बुलाए जाएंगे। जहां स्टाफ ज्यादा है या गैरजरूरी है वहीं से शिक्षक वापस बुलाए जाएंगे।
स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्कूलों में पद भरने के लिए शिक्षकों की अदला-बदली हो सकेगी। शिक्षा निदेशालय को भी इस बाबत अवगत करवा दिया गया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीते शुक्रवार को अर्की से भाजपा विधायक गोविंद राम शर्मा के सवाल के जवाब में सदन में बताया था कि उनकी अनुमति से डेपुटेशन नहीं हुए हैं।
सीएम ने कही थी डेपुटेशन कैंसिल करने की बात
सीएम ने कहा था कि बच्चों की पढ़ाई को किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। डेपुटेशन पर भेजे शिक्षकों को वापस बुलाया जाएगा। अनुमति के बगैर किए डेपुटेशन निरस्त होंगे। लेकिन शिक्षा विभाग के अफसरों ने अब नई व्यवस्था तैयार कर दी है। जरूरत के हिसाब से डेपुटेशन खत्म करने की बात कही जा रही है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान का कहना है कि डेपुटेशन पर गए शिक्षकों को उन स्कूलों से नहीं बुलाया जाएगा जहां पद रिक्त हैं। जरूरत के हिसाब से ही डेपुटेशन से वापस बुलाया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
छठी कक्षा को नहीं पढ़ाएंगे पीजीटी
वहीं, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने पीजीटी की ओर से छठी कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने का विरोध किया है। बुधवार को संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा से मुलाकात कर अपना विरोध जताया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि कुछ स्कूलों में प्रिंसिपल पीजीटी को प्रताड़ित कर रहे हैं। पीजीटी को छठी कक्षा पढ़ाने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
टीजीटी और सीएंडवी होने के बावजूद पीजीटी को छोटी कक्षाओं का प्रभारी बनाया जा रहा है। दो दफा हाजिरी लगाई जा रही। वीरेंद्र चौहान ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए बताया कि उनके आफिस से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं हुआ है। उन्होंने शिक्षा निदेशक से बात कर उस पत्र को भी तलब किया है, जिससे आधार पर पीजीटी को छठी कक्षा पढ़ाने की बात कही गई है।
सचिव ने ऐसे स्कूलों का ब्यौरा भी तलब किया है जहां पीजीटी छठी कक्षाओं को पढ़ा रहे हैं। राजकीय अध्यापक संघ ने टाइम टेबल में 70 मिनट के बजाए 30 मिनट के पीरियड करने पर भी आपत्ति जताई। कहा पीरियड अवधि को घटाना छात्र हित में नहीं है। संघ ने एजेंडा मिटिंग के लिए समय निश्चित करने की मांग भी की। संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि शिक्षा सचिव ने दोनों निदेशालयों के साथ सात सितंबर को इंटरनल मीटिंग तय कर दी है। संघ ने कई सालों से सृजित उपनिदेशक निरीक्षण के पद भरने की मांग भी की।