पंचायत चुनाव रोस्टर जारी करने में उपायुक्त सुस्त
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पंचायत चुनाव आरक्षण रोस्टर जारी करने में जिला उपायुक्त देरी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 17 अक्तूबर को सभी उपायुक्तों को एक सप्ताह के भीतर आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए हैं। अक्तूबर महीना खत्म होने जा रहा है, लेकिन अभी तक जिला उपायुक्तों ने आरक्षण रोस्टर को जारी नहीं किया है।
इधर, पंचायती राज विभाग का कहना है कि विभाग ने अपनी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। आरक्षण रोस्टर जारी करने की जिम्मेदारी अब उपायुक्तों की है। विभाग का कहना है कि अब तक कुछ जिलों के आरक्षण रोस्टर जारी हो जाने चाहिए थे। प्रदेश में चंबा और लाहौल स्पीति के तीन ब्लॉकों में 26 नवंबर को पंचायत चुनाव की तिथि घोषित हो चुकी है लेकिन यहां भी अभी आरक्षण रोस्टर जारी नहीं हो पाया है।
डीसी और आयोग की रहेगी अहम भूमिका
पंचायती राज विभाग का कहना है कि राज्य चुनाव आयोग पंचायतों में चुनाव कराएगा जबकि डीसी की अध्यक्षता में आरक्षण रोस्टर जारी करने से लेकर परिणाम घोषित करने की जिम्मेदारी होगी। राज्य चुनाव आयोग कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के लिए जो आदेश जारी करेगा, उसका पालन किया जाएगा।
पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा का कहना है कि उपायुक्तों को आरक्षण रोस्टर जारी करने को कहा है। मैनुअली रोस्टर में अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो अधिकारी चार्जशीट होंगे। डीसी को रोस्टर जारी करने के लिए 17 अक्तूबर को पत्र भेजा गया है, इसमें सप्ताह के भीतर रोस्टर जारी करने की बात कही है।