केसीसी बैंक घोटाले की होगी सीबीआई जांच, सहकारिता मंत्री का एलान
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हिमाचल सरकार ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) में हुए लोन घोटाले की सीबीआई जांच कराने का एलान किया है। विधानसभा में सोमवार को सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को सीबीआई जांच की सिफारिश करेंगे।
उन्होंने सदन में आश्वासन दिया कि एनपीए की ही नहीं लोन देने, लोन रिकवरी, बैंक में हुई भर्तियों, विदेश टूर और अफसरों और बोर्ड सदस्यों की कार्यशैली की भी जांच कराई जाएगी।
‘अमर उजाला’ में 27 फरवरी को प्रकाशित ‘केसीसी बैंक में भी पांच नीरव, 120 करोड़ दबाए’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर नूरपुर से विधायक राकेश पठानिया सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए।
बैंक रिकवरी एजेंटों के जरिये धमका रहे
प्रश्नकाल के बाद सदन में प्रस्ताव रखते हुए पठानिया ने कहा कि एक-दो लाख रुपये के लोन लेने वालों को तो बैंक रिकवरी एजेंटों के जरिये धमका रहे हैं। उनका सामान तक घरों से बाहर फेंक दिया जाता है।
लेकिन कई सौ करोड़ का लोन दबाए बैठे लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। पठानिया ने बैंक में हुई भर्तियों पर भी एक उदाहरण देकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नियमों को दरकिनार कर लोन बांटने की वजह से बैंक की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
रबीआई दस प्रतिशत से ज्यादा एनपीए होने पर ही बैंक बंद करने की बात कहता है, लेकिन केसीसी बैंक में तो यह आंकड़ा 21 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। पिछले चार माह से बैंक की लोन कमेटी की मीटिंग तक नहीं हुई। बैंक पूरी तरह से बैठ गया है। ऐसे में इसकी जांच सीबीआई से कराना आवश्यक है।