फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   hp govt is planning to take u-turn on Stopping Increment of Teacher decision

शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के फैसले पर यू टर्न की तैयारी

Thu, 23 Aug 2018 01:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 23 Aug 2018 01:36 PM IST
विज्ञापन
hp govt is planning to take u-turn on Stopping Increment of Teacher decision

दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के फैसले पर यू टर्न लेने की तैयारी है। बीते मंगलवार शाम को सचिवालय में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आश्वासन दिया है कि शिक्षकों की इंक्रीमेंट नहीं रोकी जाएगी। कम परिणाम देने वाले शिक्षकों को सुधार लाने के लिए आखिरी मौका दिया जाएगा।

विज्ञापन


महासंघ के प्रांत संगठन मंत्री पवन मिश्रा ने बताया कि कुछ स्कूलों में कम रिजल्ट को लेकर इंक्रीमेंट रोके जाने संबंधी फरमान से शिक्षकों में निराशा छा गई है। इंक्रीमेंट रोककर कार्रवाई की बात न्यायसंगत नहीं है। आठवीं कक्षा तक फेल न करने की व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत संरचना में खामियां भी बड़ी कक्षाओं में कम रिजल्ट के लिए सहायक रही हैं।
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री को सौंपे गए मांग पत्र में शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए स्कूलों में नकल की प्रवृत्ति को पूर्ण अंकुश लगाने को लेकर तीन साल तक शिक्षकों को रिजल्ट बार से बाहर रखने की मांग की गई है। पवन मिश्रा ने बताया कि इंक्रीमेंट रोके जाने संबंधी निर्णय के विपरीत प्रभाव को देखते हुए शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इसे वापस लेने का आश्वासन दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

20 दिन पहले दिए थे इंक्रीमेंट रोकने के आदेश

hp govt is planning to take u-turn on Stopping Increment of Teacher decision

अगस्त महीने के पहले सप्ताह में प्रदेश सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले सभी विषय शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दिए थे। करीब 35 शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोक भी दी गई है।  

396 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 25 फीसदी से कम
उच्च शिक्षा निदेशालय के पास पहुंचे आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 396 स्कूलों का इस साल 25 फीसदी से कम परिणाम रहा है। इनमें बारहवीं के 91 और दसवीं के 305 स्कूल शामिल हैं। 55 स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। बारहवीं के 16 और दसवीं के 39 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed