डीजल के दाम बढ़ने के बाद बस किराए पर बड़ा फैसला
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प्रदेश में भले ही डीजल के दाम बढ़े हों, लेकिन सरकार किराये के दाम नहीं बढ़ाएगी। डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन निगम को हर महीने 20 करोड़ रुपये का घाटा सहन करना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि जनता पर किसी भी तरह का वित्तीय बोझ नहीं डालना चाहती है। केंद्र ने डीजल के रेट में इजाफा किया है।
इसके चलते किराये में बढ़ोतरी करने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन सरकार ने किराया बढ़ाने को लेकर साफ मना कर दिया है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश में सड़कों की हालत दयनीय है। सड़कों पर गड्ढे होने से डीजल की ज्यादा खपत हो रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सड़कों की हालत को लेकर गंभीर हैं।
उन्होंने सड़कों को सुधराने के लिए विभाग को भी निर्देश दिए हैं। सड़कें ठीक हो जाने से निगम के वित्तीय स्थिति में भी सुधार आएगा। लोगों की सहूलियत को परिवहन निगम 10 वोल्वो बसें खरीदेगा।
सीएनजी बसें चलाने को निकालेंगे बीच का रास्ता
जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश में सीएनजी और इलेक्ट्रॉनिक बसें चलाना निगम के लिए चुनौति से कम नहीं है। निगम सीएनजी और इलेक्ट्रानिक बसें चलाने को कंपनियों से बैठक कर रहा है। इन्हें कुल्लू और मनाली तक पहुंचना मुश्किल है। निगम को निर्देश दिए हैं कि कोई बीच का रास्ता निकाला जाए। निगम ने जीरो वैल्यू की 300 बसों को रिप्लेस कर दिया है।
निजी बसें हायर करेंगे, अपनी बसें भी देंगे
अगर कोई निजी बस ऑपरेटर परिवहन निगम को अपनी बसें देना चाहता है तो निगम अपने स्तर पर इन्हें चलाएगा। अगर निजी ऑपरेटर परिवहन निगम से चलाने को बसें लेना चाहता है तो इसके लिए भी मना नहीं है।
सीएम बदल सकते हैं किसी भी अफसर को
एक प्रश्न के जवाब में बाली ने कहा कि खाद्य आपूर्ति निगम और परिवहन निगम में दो नए एमडी लगाए हैं। वे मुख्यमंत्री के आदेशानुसार लगाए हैं। दोनों अफसर बेहतर हैं। अफसर बदलना और नए अफसरों की तैनाती करना मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है।