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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP Assembly Session: Mukesh Agnihotri said There will be no outsourced recruitment in Jal Shakti Department

HP Assembly Session मुकेश अग्निहोत्री बोले- जलशक्ति विभाग में आउटसोर्स भर्तियां नहीं होंगी

Tue, 28 Mar 2023 09:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 28 Mar 2023 09:13 PM IST
सार

मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को कहा कि सरकार जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स भर्तियां नहीं करेगी। सरकार इनके स्थान पर नियमित नियुक्तियां करेंगी, ताकि इनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके। 

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HP Assembly Session: Mukesh Agnihotri said There will be no outsourced recruitment in Jal Shakti Department
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को कहा कि सरकार जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स भर्तियां नहीं करेगी। सरकार इनके स्थान पर नियमित नियुक्तियां करेंगी, ताकि इनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके। पूर्व सरकार ने मंडी जिले के बग्गी में जल शक्ति मंडल खोलकर 2,322 पैरा फिटर और बहुउद्देश्यीय कर्मचारियों की भर्ती चिटों पर की। करुणामूलक के सिर्फ 7 लोग लगे और सरकार 506 लंबित ऐसे मामलों को प्राथमिकता से निपटाएगी। कर्मचारी प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में लगाए गए। उन्होंने कहा कि विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को क्लीन वेज कंपनी के माध्यम से लगाया गया है। इस कंपनी के साथ 31 दिसंबर तक करार रहेगा और इसकी सेवाएं बंद की जाएंगी। इस कंपनी को सरकार ने 40 करोड़ देकर सेवाएं खत्म कर दी हैं।

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कटौती प्रस्ताव गिरा दिया
इसके साथ ही पेयजल, सिंचाई और सफाई को लेकर विपक्ष का लाया कटौती प्रस्ताव गिरा दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में अलग सिंचाई विंग अब मई 2023 तक काम करेगा। सरकार ने विभाग की टेंडर प्रक्रिया में बदलाव किया है, ताकि तेजी से विकास कार्य हो। अब एसडीओ को एक के बदले दो लाख तक के काम कराने की शक्ति देंगे। जल शक्ति विभाग की कुल 10,067 पेयजल योजनाएं हैं और 40,000 हैंडपंप हैं। जल जीवन मिशन की 1,747 योजनाएं हैं। 3,032 पूरी हो चुकी हैं और 1,439 का काम पूरा होना है। 23,721 पदों में से 19852 भरे हुए हैं। सदस्य कह रहे हैं कि जल जीवन मिशन से 12 जिलों में काम 100 से 97 फीसदी तक हो चुका है। प्रदेश में 34,622 नलके लगने हैं। पूर्व सरकार ने 2078 करोड़ के पाइप खरीदे।
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सिंचाई की व्यवस्था करना जल शक्ति विभाग का दायित्व
सिंचाई एवं पेयजल के कटौती प्रस्ताव पर विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था करना जल शक्ति विभाग का दायित्व है। पानी की खपत बढ़ी है। 26 सिंचाई स्कीमें काम नहीं कर रही हैं। स्कीमों की मशीनरी पुरानी है। पानी का ऑडिट कर पता करें कि लोगों को कितना पानी मिलता है। विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कहा कि 2008 से एक स्कीम बन रही है और आज तक पूरी नहीं हुई। पंप हाउस नदी से ऊपर बने। पुलवल पंचायत में लिफ्ट स्कीम थी और पंप चलते ही दीवार गिर गई। काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। आज तक कितने गांव पानी से वंचित है, यह सर्वे किया जाए।
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गांवों में तीसरे दिन पानी आता है
विधायक प्रकाश चंद राणा ने कहा कि उनके क्षेत्र की पंचायतों और गांवों में तीसरे दिन पानी आता है। यह व्यवस्था सुधारी जाए। विधायक डीएस ठाकुर ने कहा कि नलके घरों तक पहुंच गए हैं और लोगों को पेयजल नहीं मिल रहा है। बनीखेत में 35 करोड़ की पेयजल स्कीम का काम आरंभ नहीं हुआ है। 200 करोड़ के काम पूरे किए जाएं। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि दो बड़े डैम होने के कारण पानी की समस्या है। छोटी स्कीमें खंडहर बन गईं और कोल डैम के बाद भी जलसंकट रहता है। गोविंद सागर से अच्छी स्कीम बनाई जाए। इसके बाद विधायक सुखराम चौधरी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित कटौती प्रस्ताव लाया। इस पर बुधवार को चर्चा होगी और मंत्री जवाब देंगे।

पंजाब-हरियाणा पानी पर सेस को राजनीतिक मुद्दा बना रहे
 उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा सरकार हिमाचल में बिजली प्रोजेक्टों पर लगे वाटर सेस को राजनीतिक मुद्दा बना रहीं हैं। इस सेस से दोनों राज्य के पानी पर कोई असर नहीं होगा। अब इस मुद्दे को लेकर कुछ लोग कोर्ट भी चले गए हैं। इस सेस से हिमाचल को सालाना 4,000 करोड़ की आय होगी। 559 लोग जो हटाए गए हैं, उनको वरीयता दी जाए- कटौती प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा है कि जलशक्ति विभाग से लोग हटाए गए, पर उनकी जगह कोई नहीं लगाया गया है। गांव के गांव परेशान हो गए हैं। 5,000 भर्तियों की बात हाे रही है। उन्होंने कहा कि 559 लोग जो हटाए गए हैं, उनको वरीयता दी जाए। हर विस क्षेत्र में अलग मंडल होना चाहिए। आजकल फोन पर ही ट्रांसफर हो रही है। तंग किया जा रहा है। ये जो धंधा चला है, उसे बंद किया जाए। 


सदन में बुधवार को पारित होगा बजट, सत्ता पक्ष के विधायकों के लिए व्हिप जारी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट बुधवार को पारित होगा। सदन में सत्ता पक्ष के सभी विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संसदीय कार्य मंत्री की ओर से व्हिप जारी किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में 17 मार्च काे कुल 53,413 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। चर्चा के बाद इसमें कितनी और बढ़ोतरी की गई, बुधवार को यह भी स्पष्ट होगा। 

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