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Shimla News: सरकार को दिखाया आईना, लोगों ने खुद बना डाला वैकल्पिक मार्ग

Mon, 31 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:59 PM IST
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Holding a mirror to the government, people built an alternative route themselves.
लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से कई बार गुहार लगाकर भी नहीं शुरू हुआ बहाली का कार्य
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अब लोगों ने खुद एक लाख रुपये खर्च कर बनाया मार्ग

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पांच महीने से बंद पड़े एमडीआर-22 तत्तापानी–सलापड़ मार्ग को लोगों ने खुद ही बहाल कर दिया है। यह मार्ग बाली कैंची में बंद पड़ा था और लोगों ने कई बार इसे बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से मांग की।
बात नहीं बनी तो लोगों ने अपने स्तर पर वैकल्पिक मार्ग बनाकर इसे बहाल करवाया। वार्ड नंबर पांच बाली के लोगों ने इसके लिए करीब एक लाख रुपये की रकम एकत्रित कर खर्च की। अब लोग वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही कर तत्तापानी और सुन्नी पहुंच रहे हैं। इससे सबसे बड़ी राहत स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को मिली है, जिन्हें जान जोखिम में डालकर भूस्खलन क्षेत्र से आवाजाही करनी पड़ रही थी।
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पांच महीने पहले बाली कैंची के पास एमडीआर-22 मार्ग भारी भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया था। इस दौरान मनोज कुमार की गाड़ी भी सड़क में फंस गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने प्रयासों को गाड़ी निकालने तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करवाने की मुहिम शुरू की। पहले उन्होंने अपने निजी साधनों, खर्च और श्रम से देवरा नाला से चंडीकर जाने वाले रास्ते की तंग कैंचियों को खुलवाने का काम शुरू किया। इसमें स्थानीय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला।
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लोगों ने वैकल्पिक मार्ग के निर्माण के लिए एक लाख रुपये की रकम एकत्रित की और कई दिनों की मेहनत के बाद काम पूरा हो पाया। इस अभियान में पंचायत सोजा के प्रधान हरीश कुमार, बीडीसी सदस्य तरुण, वार्ड नंबर-5 बाली बटाड़ी के वार्ड सदस्य बोधराज और वार्ड नंबर-4 कलंगार के बालकृष्ण, भूपेंद्र उर्फ बिट्टू, हितेश, जुगनू, ललित, धर्मपाल, चिरंजी लाल, बोधराज उर्फ बुद्धू, मस्तराम, सेवानंद, बेसर दत्त, हेमचंद और महेंद्र समेत अन्य ग्रामीणों ने श्रमदान के साथ ही हर स्तर पर योगदान दिया।


ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरे क्षेत्र के लोगों की एकजुटता और भाईचारे की जीत है। उन्होंने कहा कि सड़क ने लोगों की राह जरूर रोकी, लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता ने नया रास्ता बना दिया। वहीं बाली निवासी भूपेंद्र ने बताया कि लोगों ने एक तरफ एकता की मिसाल पेश की है तो वहीं प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की अनदेखी को लेकर उनमें रोष भी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से मांग की कि मुख्य मार्ग को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
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