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Shimla News: हिमुडा की कॉलोनी विकासनगर बदहाल आपदा के बाद आठ परिवारों ने छोड़े घर
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सीरीज-3
राजधानी के विकासनगर में हिमुडा ने कॉलोनी तो बना दी है, लेकिन यहां रहने वाले कई परिवार अब विस्थापित होकर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। भारी बारिश के बाद कॉलोनी के कई ब्लॉकों के डंगों में दरारें आ गई हैं, लेकिन हिमुडा और नगर निगम ने इनकी सुध नहीं ली। वहीं कई ब्लॉकों में आवाजाही के लिए सीधे रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां रहने वाले लोग निजी संपत्ति से रास्ता बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। सीवेज की समस्या से भी लोग परेशान हैं। इन समस्याओं के चलते लोग अब अपने खर्च पर काम करवाने को मजबूर हैं। पेश है संवाददाता सुमित ठाकुर की रिपोर्ट:-
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विकासनगर में हिमुडा ने सात से आठ हजार लोगों के रहने के लिए एक हजार फ्लैट तो बना दिए हैं, लेकिन कॉलोनी में सुविधाओं और रखरखाव की स्थिति से यहां रहने वाले लोग परेशान हैं।
कॉलोनी की दीवारों पर रंग-रोगन तक नहीं हुआ है, जिस वजह से यह सामने से देखने में भी काफी भद्दी नजर आती है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि हिमुडा और नगर निगम दोनों ही कॉलोनी की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दूरदर्शिता के अभाव में तैयार की गई इस कॉलोनी की अव्यवस्थाओं का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हिमुडा की ओर से नगर निगम के विकासनगर वार्ड में इस कॉलोनी का निर्माण किया था, लेकिन निर्माण के कुछ साल बाद ही इसके कई ब्लॉक सुनसान हो गए। यहां रहने वाले लोगों के अनुसार सी-20 ब्लॉक में आपदा के बाद आठ फ्लैट खाली हो गए हैं। प्रभावित परिवार लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। सी-12 ब्लॉक के डंगों में भारी बारिश के कारण दरारें आ गई हैं। इस ब्लॉक में 24 घर हैं और 100 से अधिक लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लोगों ने स्थायी समाधान की मांग कई बार उठाई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से वे डर के साये में रह रहे हैं। सी-13 ब्लॉक में सीवेज की समस्या गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डंगों और मरम्मत से जुड़े कार्य नगर निगम को करवाने चाहिए।
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यह हैं पांच बड़ी समस्याएं
घरों तक पहुंचने के लिए पुल की व्यवस्था नहीं।
हिमुडा के प्रवेशद्वार को तोड़ने के बाद दूसरा गेट नहीं बनाया। इससे इलाके की पहचान करना मुश्किल होता है।
पिक्चर हॉल की सुविधा नहीं दी गई।
ब्लॉकों में रहने वाले लोग पार्किंग की सुविधा के अभाव से जूझ रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के बैठने तथा बच्चों के खेलने के लिए पार्क की सुविधा नहीं है।
आंकड़ों में जानें
1994 में इस सोसायटी का पंजीकरण हुआ।
करीब 8,000 लोगों के रहने की व्यवस्था।
करीब 1,000 फ्लैट और मकान।
अपने स्तर पर करवाए हैं अधिकांश काम
लोगों की समस्याओं का अधिकांश समाधान रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी ने अपने स्तर पर करवाया है। हालांकि नगर निगम को जिन कार्यों को करवाना है, उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खाली पड़े फ्लैटों के पास डंगों से जुड़ी समस्याओं का नगर निगम को समाधान करना चाहिए।
-अरविंद बातिश, अध्यक्ष, रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी, विकासनगर
बेहतर सुविधाएं न के बराबर
यह शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहां लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन वे इनसे वंचित हैं। हिमुडा और नगर निगम को लोगों की समस्याओं का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
-शशि शेखर चीनू, पूर्व उपमहापौर, एमसी शिमला
ब्लॉक के डंगों में आई दरारें, खौफ में लोग
हिमुडा की ओर से बनाए गए कई ब्लॉकों के डंगों में दरारें आ गई हैं, वहीं सीढ़ियां भी टूट गई हैं। हल्की बारिश भी कभी बड़ी मुसीबत पैदा कर सकती है। लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए।
-कपिल सूद, सेवानिवृत्त अधिकारी, उद्योग विभाग
पार्षद को बताई समस्याएं
कॉलोनी में रहने वाले लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस बारे में पार्षद को भी कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है।
-नीलम मेहरा, स्थानीय निवासी
शराब का ठेका स्थानांतरित करें
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हैं, लेकिन कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर ही शराब का ठेका खोल दिया गया है। अक्सर युवा यहां खड़े रहते हैं। ऐसे में इस ठेके को यहां से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
- मंजू, स्थानीय निवासी
लोगों की समस्याओं का किया है समाधान
वार्ड के लोग जिन सुविधाओं की मांग उठाते हैं, उन मांगों को सदन में प्रस्ताव के माध्यम से पारित करवाया जाता है और उन पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाती है।
-रचना भारद्वाज, पार्षद, विकासनगर वार्ड
सोसायटी भी करवाती है छोटे-छोटे कार्य
कॉलोनी की सोसायटी भी छोटे-छोटे कार्य अपने स्तर पर करवाती है। वहीं, हिमुडा के स्तर पर होने वाले कार्यों का भी तुरंत समाधान करवाया जाता है।
-अंजोरी कपूर, एडवाइजर (पॉलिसी एंड स्ट्रेटेजी)
प्राथमिकता के आधार पर करवाए हैं विकास कार्य
उपनगरों में रहने वाले प्रत्येक वर्ग के लोगों के विकास कार्य समय-समय पर प्राथमिकता के आधार पर पूरे करवाए जाते हैं। जहां तक हिमुडा की ओर से बनाई गई कॉलोनियों की बात है, तो वहां भी विकास कार्य करवाए जाते हैं। हालांकि, जो कार्य संबंधित विभाग के स्तर पर होने चाहिए, उन्हें भी करवाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला
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राजधानी के विकासनगर में हिमुडा ने कॉलोनी तो बना दी है, लेकिन यहां रहने वाले कई परिवार अब विस्थापित होकर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। भारी बारिश के बाद कॉलोनी के कई ब्लॉकों के डंगों में दरारें आ गई हैं, लेकिन हिमुडा और नगर निगम ने इनकी सुध नहीं ली। वहीं कई ब्लॉकों में आवाजाही के लिए सीधे रास्ते की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां रहने वाले लोग निजी संपत्ति से रास्ता बनाकर आवाजाही कर रहे हैं। सीवेज की समस्या से भी लोग परेशान हैं। इन समस्याओं के चलते लोग अब अपने खर्च पर काम करवाने को मजबूर हैं। पेश है संवाददाता सुमित ठाकुर की रिपोर्ट:-
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विकासनगर में हिमुडा ने सात से आठ हजार लोगों के रहने के लिए एक हजार फ्लैट तो बना दिए हैं, लेकिन कॉलोनी में सुविधाओं और रखरखाव की स्थिति से यहां रहने वाले लोग परेशान हैं।
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कॉलोनी की दीवारों पर रंग-रोगन तक नहीं हुआ है, जिस वजह से यह सामने से देखने में भी काफी भद्दी नजर आती है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि हिमुडा और नगर निगम दोनों ही कॉलोनी की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दूरदर्शिता के अभाव में तैयार की गई इस कॉलोनी की अव्यवस्थाओं का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हिमुडा की ओर से नगर निगम के विकासनगर वार्ड में इस कॉलोनी का निर्माण किया था, लेकिन निर्माण के कुछ साल बाद ही इसके कई ब्लॉक सुनसान हो गए। यहां रहने वाले लोगों के अनुसार सी-20 ब्लॉक में आपदा के बाद आठ फ्लैट खाली हो गए हैं। प्रभावित परिवार लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। सी-12 ब्लॉक के डंगों में भारी बारिश के कारण दरारें आ गई हैं। इस ब्लॉक में 24 घर हैं और 100 से अधिक लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लोगों ने स्थायी समाधान की मांग कई बार उठाई है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से वे डर के साये में रह रहे हैं। सी-13 ब्लॉक में सीवेज की समस्या गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डंगों और मरम्मत से जुड़े कार्य नगर निगम को करवाने चाहिए।
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यह हैं पांच बड़ी समस्याएं
घरों तक पहुंचने के लिए पुल की व्यवस्था नहीं।
हिमुडा के प्रवेशद्वार को तोड़ने के बाद दूसरा गेट नहीं बनाया। इससे इलाके की पहचान करना मुश्किल होता है।
पिक्चर हॉल की सुविधा नहीं दी गई।
ब्लॉकों में रहने वाले लोग पार्किंग की सुविधा के अभाव से जूझ रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के बैठने तथा बच्चों के खेलने के लिए पार्क की सुविधा नहीं है।
आंकड़ों में जानें
1994 में इस सोसायटी का पंजीकरण हुआ।
करीब 8,000 लोगों के रहने की व्यवस्था।
करीब 1,000 फ्लैट और मकान।
अपने स्तर पर करवाए हैं अधिकांश काम
लोगों की समस्याओं का अधिकांश समाधान रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी ने अपने स्तर पर करवाया है। हालांकि नगर निगम को जिन कार्यों को करवाना है, उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खाली पड़े फ्लैटों के पास डंगों से जुड़ी समस्याओं का नगर निगम को समाधान करना चाहिए।
-अरविंद बातिश, अध्यक्ष, रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी, विकासनगर
बेहतर सुविधाएं न के बराबर
यह शहर का सबसे पॉश इलाका है। यहां लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन वे इनसे वंचित हैं। हिमुडा और नगर निगम को लोगों की समस्याओं का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
-शशि शेखर चीनू, पूर्व उपमहापौर, एमसी शिमला
ब्लॉक के डंगों में आई दरारें, खौफ में लोग
हिमुडा की ओर से बनाए गए कई ब्लॉकों के डंगों में दरारें आ गई हैं, वहीं सीढ़ियां भी टूट गई हैं। हल्की बारिश भी कभी बड़ी मुसीबत पैदा कर सकती है। लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए।
-कपिल सूद, सेवानिवृत्त अधिकारी, उद्योग विभाग
पार्षद को बताई समस्याएं
कॉलोनी में रहने वाले लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस बारे में पार्षद को भी कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है।
-नीलम मेहरा, स्थानीय निवासी
शराब का ठेका स्थानांतरित करें
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हैं, लेकिन कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर ही शराब का ठेका खोल दिया गया है। अक्सर युवा यहां खड़े रहते हैं। ऐसे में इस ठेके को यहां से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
- मंजू, स्थानीय निवासी
लोगों की समस्याओं का किया है समाधान
वार्ड के लोग जिन सुविधाओं की मांग उठाते हैं, उन मांगों को सदन में प्रस्ताव के माध्यम से पारित करवाया जाता है और उन पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। लोगों को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाती है।
-रचना भारद्वाज, पार्षद, विकासनगर वार्ड
सोसायटी भी करवाती है छोटे-छोटे कार्य
कॉलोनी की सोसायटी भी छोटे-छोटे कार्य अपने स्तर पर करवाती है। वहीं, हिमुडा के स्तर पर होने वाले कार्यों का भी तुरंत समाधान करवाया जाता है।
-अंजोरी कपूर, एडवाइजर (पॉलिसी एंड स्ट्रेटेजी)
प्राथमिकता के आधार पर करवाए हैं विकास कार्य
उपनगरों में रहने वाले प्रत्येक वर्ग के लोगों के विकास कार्य समय-समय पर प्राथमिकता के आधार पर पूरे करवाए जाते हैं। जहां तक हिमुडा की ओर से बनाई गई कॉलोनियों की बात है, तो वहां भी विकास कार्य करवाए जाते हैं। हालांकि, जो कार्य संबंधित विभाग के स्तर पर होने चाहिए, उन्हें भी करवाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला