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Shimla News: त्योहारी सीजन में मिठाइयों पर प्रशासन का पहरा, मिलावट पकड़ने के लिए टीमें गठित

Thu, 22 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:59 PM IST
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Administration keeps a close watch on sweets during the festive season, teams formed to detect adulteration
चंडीगढ़ और यूपी से आने वाले मिलावटी मावा पकड़ने के लिए शहर के प्रवेशद्वारों पर खाद्य सुरक्षा विभाग करेगा जांच
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मिठाइयों की मांग बढ़ने से मावे की बढ़ जाती है खपत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। त्योहारी सीजन में मिठाइयों के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। शहर में घटिया और मिलावटी मावा की बाहरी राज्यों से आने वाली सप्लाई रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग अलर्ट हो गया है।
बाजार में घटिया और मिलावटी मावे की खेप न पहुंचे, इसके लिए बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले मावे की निगरानी शहर के प्रवेश द्वारों पर की जाएगी। विभाग ने इसके लिए टीमों का गठन कर दिया है। यह टीमें सीमावर्ती क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों की जांच करेंगी। खास तौर पर चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश से मावा लेकर आने वाले वाहनों पर पैनी नजर रखी जाएगी। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मावे की खपत में भी भारी इजाफा होता है। गुलाब जामुन, कलाकंद, मावा बर्फी, पेड़ा, गुजिया, मावा कचौरी, मिल्क केक और मावा लड्डू जैसी मिठाइयां तैयार करने में मावे का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी है। मावे यानी खोये में किसी तरह की मिलावट या उसकी खराब गुणवत्ता लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से गठित टीमें बाहरी राज्यों से आने वाले मावे की खेपों की जांच करेंगी। इसके अलावा परिवहन से संबंधित जानकारी और जरूरी दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी। किसी खेप में मिलावट पाए जाने या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। विभाग की जांच में यह देखा जाएगा कि बाहरी राज्यों से मावा लेकर आने वाले वाहन चालकों और सप्लायरों के पास जरूरी दस्तावेज हैं या नहीं। साथ ही मावे की खेप कहां पहुंचाई जा रही है और इसे किन कारोबारियों को बेचा जा रहा है, इसकी जानकारी भी जांच के दायरे में रहेगी।
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हेल्पलाइन नंबर पर दें जानकारी
मावे या मिठाइयों में मिलावट की आशंका होने पर उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा विभाग के हेल्पलाइन नंबर 7649900015 पर लोग सूचना दे सकते हैं। शिकायत मिलने पर विभाग मामले की जांच करेगा और नियमों के तहत कार्रवाई करेगा। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। मावा खरीदने वाले मिठाई कारोबारियों को भी इसकी गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण का ध्यान रखना होगा। वहीं, उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग को इसकी सूचना देनी चाहिए।
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-डॉ. विजया, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग
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