विस सत्रः 333 मिनट हुई चर्चा में 60 मिनट बोले सीएम, असंतुष्ट मुकेश ने पूछे ये सवाल
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शीतकालीन सत्र राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के साथ समाप्त हुआ। प्रदेश की 13 वीं विधानसभा का पहला शीतकालीन सत्र राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के साथ अनिश्चितकाल के लिए समाप्त हो गया।
सत्र में सदस्यों ने 333 मिनट चर्चा की, जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस दौरान 60 मिनट बोले। सदन में 20 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सदन को अवगत करवाया कि कुल चार बैठकें हुईं। सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सरकार ने दो अध्यादेश सदन के पटल पर रखे। धन्यवाद प्रस्ताव पर मतदान के बाद उसे पारित किया गया। अध्यक्ष ने सत्र के सुचारु संचालन के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सहयोग का आभार जताया और उम्मीद जताई कि आगे भी इसी तरह सहयोग मिलता रहेगा।
असंतुष्ट मुकेश के सीएम से 6 सवाल
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मिले जवाब से नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री असंतुष्ट दिखे। उन्होंने जयराम का संबोधन खत्म होते ही विधानसभा अध्यक्ष से बोलने का समय मांगा। मुकेश ने सरकार से विकास के रोडमैप को लेकर जयराम से 6 सवाल किए।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी प्राथमिकताएं नहीं बता पाई कि विकास कैसे होगा। पहली बार ऐसा हुआ कि मुख्यमंत्री ने विधायकों की अधिकारियों से क्लास लगाई कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति कैसी है।
मुकेश ने कहा कि कोई ऐसी नीति बना रहे हैं कि सरकार को कोई कर्ज न लेना पड़े ? इसपर अभिभाषण और सीएम के जवाब में कोई स्थिति साफ नहीं की गई। दूसरा सवाल किया कि प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री कितना बेलआउट पैकेज दिला रहे हैं?
सदन यह जानना चाहता है। क्या केंद्र ने 14 वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल को अन्य राज्यों से अधिक मदद दी है? सदन को स्थिति साफ की जाए कि केंद्र ने सभी राज्यों के लिए बनाए मानकों के तहत हिमाचल को धन आवंटित किया या कोई विशेष श्रेणी बनाई ?
उन्होंने कहा कि 63 एनएच की डीपीआर बनाने के लिए केंद्र ने कितना पैसा दिया है? नेता विपक्ष का आखिरी सवाल रहा कि विजन डाक्यूमेंट का क्या हुआ? उन्होंने सरकार से आग्रह भी किया कि जितने संस्थान खोले हैं उनको बंद करने के पचड़े में न पड़ें।
सीएम बोले चर्चा में जवाब की परंपरा नहीं, बिंदल बोले दे सकते हैं स्पष्टीकरण
नेता विपक्ष के उठाए सवालों पर मुख्यमंत्री जयराम बोले की धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा खत्म हो गई है। परंपरा के अनुसार नहीं बोलना चाहिए। इसपर विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री को रोका कि स्पष्टीकरण दिया जा सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कुछ सवालों का जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे का काम तेजी से करवाया जाएगा। डीपीआर के लिए परामर्शदाता रखे गए हैं। आपकी सरकार की ढिलाई की वजह से काम देरी से हुआ। बेलआउट पैकेज पर सीएम ने स्थिति स्पष्ट की।
रामलाल से नाराज हुए सीएम जयराम
विपक्ष के विधायक रामलाल ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बिलासपुर और मंडी के पहले टूर प्रोग्राम में कर्मचारियों की ओर से तोरणद्वार लगाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यक्रम में आईपीएच के कर्मचारी उनका स्वागत कर रहे थे। इस पर सीएम जयराम ने कड़ा एतराज जताया।
कहा कि वह सरकारी प्रवास था। बतौर मुख्यमंत्री दौरे पर गया था, उनके स्वागत में सरकारी कर्मचारी खड़े हुए। कर्मचारी क्या समाज का अंग नहीं हैं। सीएम ने रामलाल को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आप 10 दस बाद सदन में आएं है।
अगर आपकी सरकार के दौरों की बात कहने लगा तो बात लंबी चली जाएगी। इसके बाद रामलाल ने उनका टूर प्रोग्राम का कागज दिखाया कि इसके अनुसार तो सीएम भाजपा के मंडलों से मिलते दिखाए गए हैं।
शिमला लौटी जयराम सरकार
तपोवन में विधानसभा के चार दिन के शीतकालीन सत्र के समाप्त होने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित सरकार के कई मंत्री वापस शिमला रवाना हो गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दोपहर बाद करीब पौने चार बजे पुलिस मैदान धर्मशाला से हेलीकॉप्टर के जरिए शिमला रवाना हो गए।
इसके अलावा कई कैबिनेट मंत्री और प्रदेश सरकार के आला अधिकारी भी तपोवन से शिमला रवाना हुए। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी अपने पुत्र एवं विधायक विक्रमादित्य सिंह और पत्नी प्रतिभा सिंह के साथ शिमला लौट गए।
आशा ने घेरा तो खीज गए विपिन
विधायक आशा कुमारी ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि परमार लंबे समय के बाद सदन में आए हैं। उन्हें कल अपने विभाग के बारे में बताना था, लेकिन वे शिक्षा विभाग पर बोलते रहे। विपिन इससे नाराज हो गए। उन्होंने आशा के संबोधन के दौरान कई बार टोका तो आशा कुमारी ने फिर उन्हें घेरा। बोलीं, विपिन जी मुद्दे से मत भटको।
एचपीसीए केस वापस लेने का होगा विरोध : वीरभद्र
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जयराम सरकार यदि एचपीसीए के खिलाफ कोर्ट में चल रहे मामले को वापस लेती है तो कांग्रेस सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध करेगी।
तपोवन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार एचपीसीए के खिलाफ बनाए गए मामले को वापस न ले। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपीसीए ने करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति बनाया हुआ है।
एचपीसीए के होटल द पवेलियन के निर्माण के समय हजारों पेड़ काटे गए। एक अन्य सवाल के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में कभी भी प्रतिशोध की भावना से काम नहीं किया है।