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हिमाचल: ऊना अवैध खैर कटान मामले में एसआईटी गठित कर नए सिरे से जांच के दिए आदेश

Sat, 09 May 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 09 May 2026 05:00 AM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना जिले में खैर के पेड़ों के अवैध कटान पर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर नए सिरे से जांच करने के आदेश दिए हैं। 

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Himachal: SIT Constituted and Orders Issued for Fresh Investigation into Illegal Khair Felling Case in Una
अदालत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना जिले में खैर के पेड़ों के अवैध कटान पर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर नए सिरे से जांच करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने पाया कि इस अवैध गतिविधि में हिमाचल और पंजाब के कई लोग शामिल हैं, जो सुनियोजित और संगठित तरीके से अंतरराज्यीय अपराध को अंजाम दे रहे हैं। यह केवल स्थानीय चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अंतरराज्यीय संगठित अपराध है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने ऊना जिले के पुलिस अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया है। अदालत ने वन विभाग से हलफनामा मांगा है कि उसे पेड़ों की हेडकाउंट (गिनती) करने और उन पर नंबर डालने में क्या कठिनाई आ रही है। कोर्ट का मानना है कि नंबरिंग से पेड़ों को अवैध कटान से बचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही अदालत ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव को निर्देश दिया है कि वह जून 2026 में फिर से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें। जमीनी सच्चाई का पता लगाकर नई और विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।

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डीएलएस ने जो इससे पहले रिपोर्ट सौंपी है अदालत ने उसे अपर्याप्त पाया, क्योंकि अक्तूबर 2025 में किए गए निरीक्षण के दौरान भारी मानसून और झाड़ियों के कारण अधिकारी जंगल की गहराई तक नहीं जा सके थे। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। सुनवाई के दौरान न्याय मित्र ने अदालत को एक पत्र का हवाला दिया, जिसमें वन मंडल अधिकारी ऊना ने पहले ही इस संबंध में 2025 में एक एफआईआर दर्ज की है और जांच-पड़ताल के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने हेतु पुलिस को पत्र लिखा था।

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