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राज्य बिजली बोर्ड की बदइंतजामी की बड़ी वजह आई सामने

Tue, 10 Jan 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 10 Jan 2017 09:45 AM IST
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Himachal Pradesh State Electricity Board Failed to Restore Power

 हिमाचल में बीते चार दिन से ब्लैकआउट की दिक्कत झेल रहे लोगों पर राज्य बिजली बोर्ड की बदइंतजामी भारी पड़ रही है। तकनीकी स्टाफ की कमी को दूर करने में नाकाम साबित हुए बोर्ड प्रबंधन की बिजली सप्लाई सुचारु करने की तैयारियां फाइलों तक सिमट कर रह गई हैं। बोर्ड प्रबंधन के ब्लैकआउट से निपटने को हाथ खड़े हो गए हैं। 

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साल 1991 में सृजित पदों के आधार पर ही बिजली बोर्ड प्रबंधन काम चला रहा है। कर्मचारियों की संख्या आधी रह गई है, जबकि सूबे में बिजली कनेक्शन तीन गुना तक बढ़ गए हैं। वर्तमान में सृजित 43 हजार तकनीकी कर्मियों के पदों की जगह सिर्फ 20 हजार कर्मी ही काम कर रहे हैं। 
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राज्य बिजली बोर्ड इंप्लाइज यूनियन ने सरकार से मांग की है कि बिजली बोर्ड में तकनीकी और कॉमर्शियल कर्मचारियों के पदों को सृजित किया जाए। भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए। यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा और महासचिव हीरालाल वर्मा ने
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बताया कि बिजली बोर्ड में पदों का सृजन वर्ष 1991 में किया गया था। उस दौरान बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या लगभग 43 हजार थी। वर्ष 1991 के मुकाबले आज बोर्ड में उपभोक्ताओं की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। 

दो दशकों में 8000 पद खत्म कर दिए

Himachal Pradesh State Electricity Board Failed to Restore Power

विद्युत लाइनों और उपकेंद्रों में भी कई गुना वृद्धि हुई है। आज बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या लगभग 20 हजार रह गई है। इस कारण कर्मचारियों को विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बीते कुछ वर्षों में लाइन पर काम करते हुए तकनीकी कर्मचारियों की दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।

इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि दुर्भाग्य से बिजली बोर्ड में बढे़ हुए ढांचे के अनुरूप नए पदों को सृजित किया जाना था, उसके विपरीत पिछले दो दशकों के दौरान लगभग 8000 पदों को खत्म कर दिया गया। अन्य हजारों पद भी बिजली बोर्ड में खाली हैं। 

ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा कि बिजली बोर्ड में रिक्त पड़े तकनीकी कर्मचारियों के पदों को लेकर बोर्ड से पूरा ब्योरा मांगा जाएगा। कांगड़ा जिले के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाया जाएगा। जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी।

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