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हिमाचल प्रदेश: पंचायत की अनोखी पहल, बिना कोविड टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन नहीं मिलेगा प्रवेश
Sat, 13 Mar 2021 11:37 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 13 Mar 2021 11:37 AM IST
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मैहला पंचायत में लगा बोर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की मैहला पंचायत में कोविड टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन के बिना प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके लिए बाकायदा प्रवेशद्वार पर सूचना लगाई गई है। इसमें लिखा गया है कि यदि कोई बिना अनुमति पंचायत में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। व्यक्ति पर पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माना और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा सकती है। पंचायत का यह निर्णय वर्तमान में भी लागू है। रेहड़ी-फड़ी या कबाड़ वाला भी कोविड टेस्ट या पुलिस वेरिफिकेशन के बिना पंचायत में प्रवेश करता है तो प्रवेशद्वार से ही लौटा दिया जाता है।
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कोरोना से ग्रामीणों की सुरक्षा और बचाव के लिए चंबा जिले की मैहला पंचायत में यह अनोखी पहल की गई है। पंचायत प्रतिनिधियों ने साफ किया है कि बिना अनुमति कोई पंचायत में प्रवेश करता है तो उस पर जुर्माना और एफआईआर दर्ज हो सकती है। चंबा जिले में अब तक 2983 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। मैहला पंचायत के वार्ड एक में तीन लोग पॉजिटिव आने के बाद वार्ड को सील कर दिया गया है। इसके बाद पंचायत के पांच वार्डों सवाण, सबेका, चौंरी, भड़ाला और बैंसका की करीब दो हजार की आबादी की सुरक्षा के मद्देनजर कोविड टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन के बिना प्रवेश पर रोक लगाई है।
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पंचायत उपप्रधान भुवनेश कटोच ने बताया कि लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। पंचायतीराज एक्ट के तहत जुर्माना करने और एफआईआर दर्ज करवाने का प्रावधान है। पंचायत प्रधान राणा ठाकुर ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। इसका पालन होने से उनकी पंचायत में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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