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कोरोना काल में प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में नए सदस्य को दे दी नियुक्ति
Sat, 05 Dec 2020 01:26 PM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 05 Dec 2020 01:26 PM IST
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सूबे में हर साल विभिन्न विभागों में तीन से चार हजार पदों पर भर्तियां करने वाले कर्मचारी चयन आयोग में खाली विभिन्न श्रेणियों के दो दर्जन से अधिक पद भरने के बजाय सरकार ने शुक्रवार को करीब डेढ़ लाख मासिक वेतनमान वाले पद पर आयोग में सदस्य की नियुक्ति कर दी। सरकार ने लोक निर्माण विभाग शिमला से इंजीनियर-इन-चीफ (ईएनसी) पद से सेवानिवृत्त रणवीर पाल वर्मा को सदस्य के पद पर नियुक्त किया है।
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कार्मिक विभाग ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी किए हैं। आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में साक्षात्कार के चलते पूर्व में सरकार ने आयोग में चेयरमैन के अलावा सदस्यों के चार पद स्वीकृत किए थे। केंद्र के निर्णय के बाद सरकार ने चतुर्थ, तृतीय श्रेणी पदों के लिए साक्षात्कार खत्म कर दिए थे। कार्मिक विभाग ने इस बारे में 17 अप्रैल 2017 को अधिसूचना जारी की थी।
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वर्तमान में ब्रिगेडियर सतीश शर्मा चेयरमैन हैं। डॉ. संजय ठाकुर, डॉ. डीएस गुरंग सदस्य हैं। आयोग के इन सदस्यों को सरकार में सचिव स्तर का रैंक, करीब डेढ़ लाख मासिक वेतनमान, सरकारी वाहन, ड्राइवर और आवास सुविधा के अलावा अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में आयोग में सदस्यों के दो पद खाली थे। शुक्रवार को एक और पद भरने के आदेश जारी किए गए हैं। कोरोना काल में इस गैर आवश्यकता वाले पद पर नई नियुक्ति से सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में वर्ष 2017 से साक्षात्कार नहीं होते हैं।
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सरकार सरकारी विभागों में नियमित भर्तियां न करने के पीछे वित्तीय संकट का तर्क दे चुकी है। कोरोनकाल में सरकार की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो चुकी है। अब आयोग में सदस्य की नियुक्ति कर दी है। उधर, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन ब्रिगेडियर सतीश शर्मा ने माना कि आयोग के माध्यम से की जाने वाली भर्तियों में साक्षात्कार की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। कहा कि नियुक्तियां व पदोन्नतियां सरकार का विषय हैं, वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते।