{"_id":"580619d34f1c1b672c703786","slug":"himachal-kisan-sabha-reaction-on-pm-modi-rally-at-mandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"'किसानों को राहत की बजाय पेप्सी, कोक को प्रमोट कर गए पीएम'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'किसानों को राहत की बजाय पेप्सी, कोक को प्रमोट कर गए पीएम'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 19 Oct 2016 09:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंडी रैली में किसानों के लिए कोई नई घोषणा नहीं होने पर हिमाचल किसान सभा ने रोष जताया है। सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश के किसानों द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
डॉ. तंवर ने कहा कि भाजपा नेता हजारों बागवानों को इस वायदे के साथ रैली में लाए थे कि प्रधानमंत्री बागवानों और सेब उत्पादकों के लिए बड़ी घोषणा करने वाले हैं। लेकिन प्रधानमंत्री बागवानों को राहत देने के नाम पर कोका कोला और पेप्सी को प्रोमोट करते नजर आए।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने कोका कोला, पेप्सी में 5 प्रतिशत जूस मिलाकर बागवानों को बड़ा लाभ मिलने की बात करके किसानों के साथ मजाक किया। डॉ. तंवर ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा का प्रदेश नेतृत्व मोदी को हिमाचल की समस्याओं से ठीक से अवगत नहीं करवा पाया।
विज्ञापन
पीएम ने बड़ी चतुराई से प्रो. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट सहित वन संरक्षित करने की एवज में दिए जाने वाले मुआवजे, वन संरक्षण कानून में संशोधन, भूमि के मुद्दे और जंगली जानवरों की समस्या सहित हिमाचली सरोकार के सभी मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया।
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण को बचाने के लिए रसोई गैस देने की चर्चा जरूर की। लेकिन दो तिहाई वन संपदा को बचाकर प्रदेश की जनता 1000 करोड़ रुपये सालाना का आर्थिक नुकसान झेल कर पर्यावरण का संरक्षण करके जो कीमत चुका रही है उसके बदले में प्रदेश को किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद देने पर कोई टिप्पणी नहीं की गई।