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Himachal High Court: हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला-परवाणू फोरलेन से कब्जे हटाने के दिए आदेश
Tue, 23 Aug 2022 08:10 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 23 Aug 2022 08:10 PM IST
सार
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि फोरलेन निर्माण के लिए जिन्हें मुआवजा दे दिया गया है, उनके कब्जे तुरंत प्रभाव से हटाए जाएं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला-परवाणू फोरलेन से कब्जे हटाने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि फोरलेन निर्माण के लिए जिन्हें मुआवजा दे दिया गया है, उनके कब्जे तुरंत प्रभाव से हटाए जाएं। अदालत ने आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट 13 सितंबर को तलब की है। अदालत के आदेशों की अनुपालना में फोरलेन का निर्माण कर रही केएमसी कंपनी के प्रबंधक निदेशक कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने कंपनी के प्रबंधक निदेशक को आदेश दिए कि वह शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताए कि अवार्ड किया हुआ फोरलेन का निर्माण कब तक पूरा होगा।
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मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि लगातार गिरते मलबे से न केवल पर्यावरण को खतरा पैदा हो रहा है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था भी बिगड़ रही है। मलबा न हटाने और सड़क किनारे अवैध निर्माण व कब्जों के कारण मार्ग पर हमेशा जाम लगा रहता है। अदालत को बताया कि निर्माण कार्य के लिए बिजली की लाइनें भी हटानी पड़ेंगी। अदालत ने बिजली लाइनें न हटाने पर बिजली बोर्ड को भी प्रतिवादी बनाया है। इससे पहले 5 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट निदेशक ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि शिमला से परवाणू तक वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं होगी। इस मार्ग पर उपयुक्त संकेत लगाना सुनिश्चित बनाया जाएगा।
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