हिमाचल में घट सकता है न्यूनतम बस किराया, सरकार में चल रहा मंथन
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प्रदेश सरकार हिमाचल में न्यूनतम बस किराया घटा सकती है। डीजल के दाम प्रति लीटर 5 रुपये कम होने से सरकार न्यूनतम किराया 6 की बजाय 5 रुपये कर सकती है। सरकार में इसको लेकर मंथन चल रहा है। 12 अक्तूबर को मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर चर्चा होना संभावित है।
चूंकि, निजी ऑपरेटरों ने जब सरकार पर किराया बढ़ाने का दबाव बनाया था तो उस समय भी यह बात सामने आई थी कि अगर डीजल के दामों में कमी होती है तो क्या ऑपरेटर किराया कम करेंगे?
हिमाचल में बस किराया वृद्धि को लेकर चौतरफा विरोध हो रहा है। कांग्रेस पार्टी, माकपा, आम आदमी पार्टी और जनवादी महिलाएं किराए के विरोध में जिला स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन दलों का कहना है कि सरकार ने निजी ऑपरेटरों के दबाव में किराया बढ़ाया है।
टिकट को लेकर परिचालकों और सवारियों में झगड़े हो रहे हैं। सवारियां किराया वृद्धि को लेकर जयराम सरकार को कोस रही हैं। हालांकि, किराए की अधिसूचना जारी होने से एक दिन पहले परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने भी न्यूनतम किराया कम करने के संकेत दिए हैं, लेकिन अभी तक इसमें कटौती नहीं की गई है।
उम्मीद लगाई जा रही है कि जैसे डीजल में वैट कम किया है, सरकार न्यूनतम किराए में भी कटौती कर सकती है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रमुख नरेश चौहान ने कहा कि 8 अक्तूबर से किराया वृद्धि को लेकर प्रदर्शन होंगे।
राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा जाना है। माकपा की राज्य सचिवालय कमेटी के सदस्य संजय चौहान ने कहा कि सरकार ने किराया बढ़ोतरी कर प्रदेश की जनता पर बोझ डाला है। वैट कम किए जाने से सरकार को किराया भी कम करना चाहिए। किराया बढ़ोतरी को लेकर माकपा के प्रदर्शन जारी हैं।