इस माह में आ सकता है विवादित केसीसी बैंक भर्ती का परिणाम
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केसीसी बैंक की विवादित भर्ती का परिणाम नए साल में आ सकता है। वीरभद्र सरकार के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर असिस्टेंट मैनेजर तक के 500 से ज्यादा पदों के लिए हुई भर्ती का परिणाम घोषित करने में विजिलेंस जांच का पेच फंसा है। परिणाम घोषित करने को लेकर जयराम सरकार ने विधि विभाग को फाइल भेजकर सलाह मांगी है।
हिमाचल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही जयराम सरकार के गले की फांस बनी भर्ती का मामला उलझता जा रहा है।
सरकार ने विभाग की सिफारिश पर भर्तियों और लोन की विजिलेंस जांच के आदेश तो दे दिए लेकिन अब परिणाम घोषित करने के लिए आवेदकों का दबाव बढ़ता जा रहा है। हाल यह है कि मंत्रिमंडल की दो बैठकों में यह मुद्दा बेनतीजा रहा। ऐसे में अब सरकार ने फैसला लेने से पहले विधि विभाग से सलाह मांगी है। सूत्रों की मानें तो पंजीयक सहकारी सभाएं ने पहले ही मामले में विजिलेंस जांच का हवाला देते हुए परिणाम जारी करने से इंकार कर दिया था।
पुष्ट सूत्रों के अनुसार विधानसभा के शीत सत्र के दौरान हुई मंत्रिमंडल की दूसरी बैठक में केसीसी बैंक भर्ती प्रमुख एजेंडा था। नाम न लिखने की शर्त पर एक आला अधिकारी ने बताया कि अगर विधि विभाग रिजल्ट जारी करने को लेकर सकारात्मक कमेंट करता है तो नए साल पर भर्ती का परिणाम जारी किया जा सकता है।
वीरभद्र सरकार के दौरान हुई थी भर्ती
वीरभद्र सरकार के दौरान पांच सौ से ज्यादा पदों के लिए भर्ती हुई थी। भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने प्रक्रिया जारी रखी। परिणाम आने से पहले प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो गए और भाजपा की सरकार सत्ता में आ गई।
चूंकि भाजपा ने विपक्ष में रहते भर्ती पर सवाल उठाए थे, लिहाजा सरकार बनते ही परिणाम रोक दिया गया और विजिलेंस को भर्ती समेत अन्य मुद्दों की जांच के आदेश दे दिए गए। तब से विजिलेंस मामले में जांच कर रही है।